Chhattisgarh tree plantation : छत्तीसगढ़ सरकार ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक नया और बड़ा कदम उठाया है। ‘वीमेन फॉर ट्रीज’ नामक इस अभियान के तहत प्रदेश में कुल 2 लाख 21 हजार 145 पौधे लगाए जाएंगे। इस पहल का उद्घाटन उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने रायपुर के कौशल्या विहार (कमल विहार) में किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना हर नागरिक का कर्तव्य है और अधिक से अधिक पेड़ लगाने की जरूरत है।

महिलाओं को मिली बड़ी भूमिका
डिप्टी सीएम अरुण साव ने बताया कि इस अभियान में स्वसहायता समूहों (SHG) की महिलाओं को शामिल किया गया है, जो चयनित स्थलों पर पौधारोपण के साथ-साथ पौधों की देखभाल और सुरक्षा की जिम्मेदारी भी निभाएंगी। वर्तमान में 1701 SHG समूहों में 2300 से अधिक महिलाएं इस मिशन से जुड़ी हैं। इससे महिलाओं को न केवल पर्यावरण संरक्षण में योगदान मिलेगा, बल्कि आर्थिक रूप से भी सशक्त बनाने का अवसर मिलेगा। रायपुर के विधायक मोतीलाल साहू ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर पूरे देश में लगातार पौधारोपण अभियान चल रहा है। यह अभियान ग्लोबल वार्मिंग जैसी चुनौतियों से निपटने में मददगार साबित होगा। ‘वीमेन फॉर ट्रीज’ अभियान को महिलाओं के माध्यम से प्रभावी और सफल बनाने की योजना है।

रायपुर नगर निगम में 60 स्थानों पर पौधारोपण
रायपुर नगर निगम की महापौर मीनल चौबे ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र में 60 स्थानों पर पौधारोपण किया जाएगा, जिसमें 232 महिला स्वसहायता समूह की महिलाएं सक्रिय भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति ही इस अभियान को सफलता दिलाएगी और यह महिलाओं को पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आर्थिक मजबूती भी देगी। यह अभियान भारत सरकार के ‘एक पेड़ माँ के नाम’ कार्यक्रम से प्रेरित है। केन्द्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय की पहल ‘अमृत मित्र’ के तहत स्वसहायता समूहों को प्रेरित कर मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत सरकारी भूमि, स्कूल, अस्पताल, आंगनबाड़ी, उद्यान, सड़क विभाजन तथा धार्मिक स्थलों पर वृक्षारोपण किया जाएगा।
प्रदेश के 169 नगरीय निकायों में अभियान का विस्तार
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने प्रदेश के 169 नगरीय निकायों में कुल 2,21,145 पौधों के रोपण के लिए 684 परियोजनाओं का प्रस्ताव भेजा था, जिनमें से 444 परियोजनाएं भारत सरकार द्वारा स्वीकृत हो चुकी हैं। इसके तहत 1,65,997 पौधे लगाए जाएंगे। अभियान के तहत प्रत्येक महिला को पौधों की देखभाल के लिए प्रतिमाह आठ हजार रुपए और जियो-टैगिंग तथा निगरानी कार्य के लिए एक हजार रुपए अतिरिक्त राशि प्रदान की जाएगी। यह कदम महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में उनकी भागीदारी को बढ़ावा देगा।
पर्यावरण और महिला सशक्तिकरण का अनूठा संगम
छत्तीसगढ़ सरकार का ‘वीमेन फॉर ट्रीज’ अभियान पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण दोनों के लिए एक मिसाल साबित होगा। इस पहल से प्रदेश में हरियाली बढ़ेगी, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से लड़ने में मदद मिलेगी और साथ ही महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का अवसर मिलेगा।
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