Raipur journalist threat: रायपुर के गोबरा नवापारा थाना क्षेत्र से पत्रकारों के लिए चिंता बढ़ाने वाला मामला सामने आया है। एक स्थानीय पत्रकार नागेंद्र निषाद को खराब सड़क निर्माण की रिपोर्टिंग करने पर ठेकेदार रजत बंगानी ने जान से मारने की धमकी दी है। धमकी का फोन कॉल वीडियो भी सामने आया है, जिसमें ठेकेदार कैमरे के सामने पत्रकार को मारने की बात कह रहा है।

खराब सड़क निर्माण की रिपोर्टिंग पर ठेकेदार ने किया हमला
नागेंद्र निषाद, जो यूट्यूब चैनल के जरिए जनता से जुड़े मुद्दों को उठाते हैं, ने 18 अगस्त को गोबरा नवापारा के वार्ड 3 में बनी खराब गुणवत्ता वाली सड़क पर सवाल उठाए थे। इस कवरेज के बाद ठेकेदार रजत बंगानी ने उन्हें फोन कर गाली-गलौज और धमकी देना शुरू कर दिया। ठेकेदार ने सड़क की गुणवत्ता को लेकर अपनी असहमति जताई और पत्रकार से खबर हटाने को कहा, लेकिन जब पत्रकार ने इनकार किया तो वह भड़क गया।

ठेकेदार ने कैमरे के सामने मारने की दी धमकी
ठेकेदार ने पत्रकार को फोन पर बताया कि वह आठ-दस लोगों के साथ मिलकर कैमरे के सामने उसे पीटने आएगा। ठेकेदार ने कहा कि कैमरा रिकॉर्डिंग अच्छी आएगी और इस दौरान जनता को भी गालियां दीं। पत्रकार ने इस पूरी बातचीत का वीडियो रिकॉर्ड कर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और खुद की सुरक्षा की मांग की है।
पुलिस में शिकायत, कार्रवाई की मांग
पत्रकार नागेंद्र निषाद ने गोबरा नवापारा पुलिस थाने में ठेकेदार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है और सुरक्षा की मांग की है। उन्होंने ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की है ताकि पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। गोबरा नवापारा की नगर पालिका अध्यक्ष ओम कुमारी साहू ने कहा कि सड़क की गुणवत्ता को लेकर पहले भी शिकायतें मिल चुकी हैं। ठेकेदार ने दोबारा सड़क निर्माण की बात कही थी, लेकिन गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ है। इसलिए ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने का प्रस्ताव भी नगर पालिका में लाया जाएगा।
गाली देने की बात स्वीकार, गुणवत्ता पर अड़ा
ठेकेदार रजत बंगानी ने स्वीकार किया है कि उन्होंने गुस्से में गाली दी, लेकिन सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर लगाए गए आरोपों को अस्वीकार किया है। उनका कहना है कि सड़क की गुणवत्ता में कोई कमी नहीं है। इस मामले में कांग्रेस ने भी सोशल मीडिया पर सीएम विष्णुदेव साय से सवाल किया है। कांग्रेस ने लिखा है कि छत्तीसगढ़ में पत्रकारों की जान की कोई सुरक्षा नहीं है और बार-बार पत्रकारों को धमकी मिल रही है। कांग्रेस ने मांग की है कि सरकार पत्रकारों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए।
पत्रकारों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम
रायपुर में पत्रकारों के खिलाफ बढ़ती धमकियों और गुंडागर्दी ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पत्रकारों को स्वतंत्र रूप से जनता के मुद्दे उजागर करने के लिए सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए। प्रशासन और सरकार से इस मामले में त्वरित कार्रवाई की उम्मीद है ताकि छत्तीसगढ़ में प्रेस की स्वतंत्रता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।










