Trump India Pakistan : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध टालने का दावा करते हुए राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। व्हाइट हाउस में सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में दुनिया भर के सात युद्ध रोके, जिनमें एक बड़ा संघर्ष भारत-पाकिस्तान के बीच होने वाला था, जो उनके मुताबिक परमाणु युद्ध में बदल सकता था।

“टैरिफ की धमकी से युद्ध टला”
ट्रंप ने बताया कि उन्होंने चार युद्ध केवल टैरिफ और व्यापार दबाव के ज़रिए रोके। उन्होंने कहा,“मैंने स्पष्ट शब्दों में कहा – अगर आप लड़ाई जारी रखते हैं, तो अमेरिका 100% टैरिफ लगाएगा।”ट्रंप के अनुसार, भारत-पाक टकराव के समय सात फाइटर जेट पहले ही गिराए जा चुके थे, और जब उन्होंने यह संदेश भेजा, तो 24 घंटे के भीतर तनाव कम हो गया।

किसके थे गिराए गए विमान?
हालांकि ट्रंप ने यह नहीं बताया कि गिराए गए सात जेट किस देश के थे। भारत सरकार की ओर से इस तरह की कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है, जिससे ट्रंप के बयान की विश्वसनीयता पर सवाल उठना लाज़िमी है।
भारत का जवाब: युद्ध रोका डीजीएमओ स्तर की बातचीत से
ट्रंप के दावे पर भारत ने पहले भी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने स्पष्ट कहा था कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम दोनों देशों के डीजीएमओ (सेना के महानिदेशक) के बीच प्रत्यक्ष बातचीत से हुआ था, और किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं थी। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में भी इस बात को दोहराया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पूरी तरह आत्मनिर्भर नीति अपनाई थी।
ट्रंप की कूटनीति या राजनीति?
ट्रंप पहले भी भारत-पाक तनाव को लेकर मध्यस्थता के दावे कर चुके हैं। 2019 में उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता करने के लिए कहा है, जिसे भारत ने तत्काल खारिज कर दिया था। ऐसे में ट्रंप के ताजा बयान को राजनीतिक बढ़त हासिल करने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है, खासकर जब वह दोबारा राष्ट्रपति पद के लिए चुनावी मैदान में हैं।
यूक्रेन-रूस युद्ध पर भी सख्त रुख
प्रेस वार्ता में ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर भी कहा कि अगर वह राष्ट्रपति होते तो यह युद्ध कभी शुरू ही नहीं होता। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले सप्ताहों में अगर हालात नहीं सुधरे, तो वह खुद हस्तक्षेप कर सकते हैं। हालांकि इस पर उन्होंने कोई ठोस योजना साझा नहीं की।
डोनाल्ड ट्रंप के भारत-पाक युद्ध रोकने के दावे को भारत ने कई बार खारिज किया है, लेकिन ट्रंप इस मुद्दे को बार-बार उछालकर राजनीतिक और कूटनीतिक दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। यह बयान जहां चुनावी माहौल में ट्रंप की अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों को पेश करने का हिस्सा लग सकता है, वहीं इससे भारत के कूटनीतिक संतुलन को लेकर सवाल भी खड़े होते हैं।
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