Russia Ukraine Conflict: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को समाप्त कराने के लिए सक्रिय मध्यस्थता कर रहे हैं। ट्रंप ने दोनों देशों के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन और वोलोडिमिर जेलेंस्की से व्यक्तिगत तौर पर मुलाकात की है और अब उनकी अगली कोशिश दोनों नेताओं के बीच सीधे वार्ता कराना है। हालांकि, पुतिन फिलहाल जेलेंस्की से मिलने को तैयार नहीं हैं, जिससे वार्ता की राह मुश्किल बनी हुई है।

ट्रंप के बयान: पुतिन को जेलेंस्की पसंद नहीं
सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि पुतिन जेलेंस्की से मिलने को राज़ी नहीं हैं। ट्रंप ने साफ कहा, “पुतिन को जेलेंस्की पसंद नहीं हैं।” इसके बावजूद ट्रंप ने बताया कि उनकी पुतिन के साथ बातचीत अच्छी रही है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में युद्ध के फिर से बढ़ने पर उन्हें बहुत गुस्सा आता है।

रूस के विदेश मंत्री का विवादित बयान
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने इस मामले में पुतिन का समर्थन करते हुए कहा कि रूस यूक्रेन के साथ बातचीत करने के लिए तैयार है, लेकिन जेलेंस्की को वैध प्रतिनिधि नहीं मानता। लावरोव के अनुसार, “यूक्रेनी संविधान के मुताबिक जेलेंस्की इस समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए वैध नहीं हैं।” उनका कहना है कि जब भी समझौते पर हस्ताक्षर होंगे, यह देखना होगा कि हस्ताक्षरकर्ता वैध है या नहीं।
ट्रंप की चेतावनी: मुलाकात न हुई तो गंभीर परिणाम
जब ट्रंप से पूछा गया कि अगर पुतिन और जेलेंस्की मुलाकात नहीं करते और कोई समझौता नहीं होता तो क्या होगा, तो उन्होंने चेतावनी दी कि इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। ट्रंप ने कहा, “अगर मैं राष्ट्रपति होता तो यह युद्ध कभी नहीं होता।” उन्होंने कहा कि अगले एक-दो सप्ताह बहुत महत्वपूर्ण होंगे और इस दौरान वे मजबूती से कदम उठाएंगे।
रूस के हमलों पर ट्रंप का कड़ा रुख
हाल ही में रूस द्वारा एक अमेरिकी कारखाने को निशाना बनाए जाने पर ट्रंप ने अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा, “मैं इस युद्ध की किसी भी हिंसा से खुश नहीं हूं।” ट्रंप ने यह भी बताया कि उन्होंने अब तक सात युद्धों को समाप्त किया है और उन्होंने भारत-पाकिस्तान के करीब परमाणु युद्ध के संकट का भी जिक्र किया।










