Operation Mahadev : केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बुधवार को दिल्ली में आयोजित एक समारोह में ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव में भाग लेने वाले भारतीय सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवानों को सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने आतंकवाद पर decisive action के लिए सुरक्षा बलों की तारीफ करते हुए कहा कि इन ऑपरेशनों ने पाकिस्तान और आतंकियों को सख्त संदेश दिया है—भारत अब आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा। ऑपरेशन सिंदूर: पाकिस्तान को कड़ा संदेश 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में कई निर्दोष नागरिकों की जान गई थी। इस हमले का जवाब देते हुए भारतीय सेना ने 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम दिया। इस ऑपरेशन के तहत जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के ठिकानों को पाकिस्तान और पीओके (पाक अधिकृत कश्मीर) में निशाना बनाया गया। गृह मंत्रालय के अनुसार, इस ऑपरेशन में 100 से अधिक आतंकियों को ढेर किया गया, जिससे दुश्मन खेमे में हड़कंप मच गया। शाह ने कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर ने देशवासियों में संतोष पैदा किया और यह स्पष्ट कर दिया कि अब भारत की चुप्पी कमजोरी नहीं, रणनीति है।” ऑपरेशन महादेव: आतंकियों के मास्टरमाइंड को ढेर किया इसके बाद 28 जुलाई को ‘ऑपरेशन महादेव’ में एक संयुक्त अभियान चलाया गया, जिसमें भारतीय सेना की पैरा कमांडो टीम, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मिलकर पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड सुलेमान उर्फ फैजल, जिब्रान और अफगानी को श्रीनगर के पास दाचीगाम जंगल में मार गिराया। शाह ने कहा, “ऑपरेशन महादेव ने देशवासियों के आत्मविश्वास को बढ़ाया है। अब यह स्पष्ट हो गया है कि चाहे आतंकी कितनी भी चालें चलें, वे भारत को नुकसान पहुंचाकर बच नहीं सकते।” सुरक्षा बलों की वीरता को सलाम अमित शाह ने समारोह में कहा कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूरे देश की ओर से मैं सुरक्षा बलों को बधाई देता हूं। आपकी बहादुरी पर पूरे भारत को गर्व है। ये ऑपरेशन इस बात का प्रमाण हैं कि भारत अब आतंकवाद को जड़ से खत्म करने की दिशा में काम कर रहा है।” उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और केंद्रीय बलों के बीच तालमेल से “संयुक्त अभियानों में प्रभावी सफलता मिल रही है”, और यह एक नई सुरक्षा रणनीति का हिस्सा है जिसमें स्थानीय और राष्ट्रीय बलों की भूमिकाएं समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। राजनीतिक सहमति और राष्ट्रीय एकता शाह ने यह भी कहा कि इन सफल अभियानों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने सेना के प्रयासों की सराहना की है। उन्होंने कहा, “यह राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है कि जब बात देश की सुरक्षा की आती है, तो सभी राजनीतिक दल एकजुट हो जाते हैं।” ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव भारत की जीरो टॉलरेंस फॉर टेररिज्म नीति के स्पष्ट उदाहरण हैं। यह संदेश अब साफ है कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा। इन कार्रवाइयों ने न सिर्फ आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब दिया, बल्कि देशवासियों में सुरक्षा और आत्मविश्वास की भावना को भी मजबूत किया है। Read More : Cabinet Approval Railway: कैबिनेट की बड़ी सौगात, ₹12,328 करोड़ की 4 रेलवे परियोजनाएं मंजूर, पीएम स्वनिधि योजना 2030 तक बढ़ी
















