प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों जापान के दो दिवसीय दौरे पर हैं, और इस मौके पर एक बार फिर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की बेटी अनीता बोस फाफ ने भावुक अपील की है। उन्होंने पीएम मोदी से अनुरोध किया है कि नेताजी के पार्थिव अवशेष को भारत वापस लाने की पहल की जाए।

अनीता बोस फाफ का भावुक बयान
82 वर्षीय अनीता बोस फाफ ने एक इंटरव्यू में कहा, “अगर मुझे प्रधानमंत्री मोदी से व्यक्तिगत रूप से मिलने का अवसर मिले, तो मैं उनसे नेताजी के अवशेष भारत लाने का अनुरोध करूँगी। मेरी उम्र को देखते हुए यह अनुरोध और भी महत्वपूर्ण हो गया है। इस अध्याय को अब यहीं समाप्त होना चाहिए।”

उन्होंने यह भी कहा कि नेताजी एक सार्वजनिक नेता थे और उनका अंतिम संस्कार भारत में होना चाहिए। चूंकि यह मामला केवल पारिवारिक नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सम्मान से जुड़ा है, इसलिए इस पर भारत सरकार को कदम उठाना चाहिए।
पहले भी उठ चुकी है मांग
अनीता बोस फाफ पहले भी कई बार यह मांग उठा चुकी हैं, लेकिन अब जब प्रधानमंत्री खुद जापान दौरे पर हैं, तो उन्होंने फिर से इसे सामने रखा है। अनीता के अनुसार, पूर्व प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिम्हा राव की सरकार ने इस दिशा में प्रयास किया था, लेकिन वह अधूरा रह गया। अब उनकी उम्मीदें मोदी सरकार से जुड़ी हैं।
रेंकोजी मंदिर में संरक्षित हैं अवशेष
ऐतिहासिक तथ्यों के अनुसार, 18 अगस्त 1945 को जापान के ताइहोकू एयरबेस (अब ताइपेई, ताइवान) पर एक विमान दुर्घटना में नेताजी की मृत्यु हो गई थी। इसके बाद उनके पार्थिव अवशेष टोक्यो के रेंकोजी मंदिर में रखे गए। हालांकि, नेताजी की मृत्यु को लेकर दशकों से विवाद बना हुआ है। भारत में कई लोग इस दुर्घटना को नहीं मानते और नेताजी की “गुप्त वापसी” की कहानियाँ लंबे समय से चर्चा में रही हैं।
जापान का सम्मान, भारत की जिम्मेदारी
अनीता बोस का कहना है कि जापान ने हमेशा नेताजी के प्रति गहरा सम्मान दिखाया है। लेकिन अब समय आ गया है कि भारत सरकार नेताजी के सम्मान में उनके अवशेष को देश में लाकर, एक राष्ट्रीय श्रद्धांजलि की व्यवस्था करे।
प्रधानमंत्री मोदी के वर्तमान जापान दौरे के बीच अनीता बोस फाफ का यह अनुरोध एक बार फिर इस मुद्दे को राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में ले आया है। क्या अब सरकार नेताजी की इस अंतिम यात्रा को भारत तक लाने का मार्ग प्रशस्त करेगी? देशवासियों को उम्मीद है कि नेताजी को स्वतंत्र भारत की मिट्टी में आखिरी विदाई जल्द ही मिलेगी।










