J&K Terror Arrest: पहलगाम में हुए भयानक आतंकी हमले के बाद सुरक्षा बलों ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रखी हुई है। इसी कड़ी में रविवार को पुंछ जिले के आजमाबाद क्षेत्र से दो आतंकियों को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है। दोनों आतंकियों के पास से अवैध हथियार और गोला-बारूद बरामद हुए हैं।

पुंछ में आतंकियों की धरपकड़
पुलिस और सुरक्षा बलों को एक मुखबिर से सूचना मिली थी कि पुंछ के आजमाबाद इलाके में दो आतंकी छिपे हुए हैं, जो कोई बड़ी आतंकवादी गतिविधि अंजाम देने की फिराक में हैं। मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आतंकियों की पहचान तारिक शेख (आज़माबाद निवासी) और रियाज अहमद (चंबर गांव निवासी) के रूप में हुई है।

सूत्रों के मुताबिक, रियाज अहमद अपने गांव से तारिक के घर आया हुआ था, जिसकी सूचना मिलते ही सुरक्षा बलों ने तारिक के घर पर छापा मारा। पुलिस और सुरक्षा बलों ने मिलकर छापा मारकर दोनों आतंकियों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से 2 राइफलें और गोला-बारूद बरामद हुआ है, जिनमें से एक AK-47 राइफल भी शामिल है।
अवैध हथियारों का खुलासा
गिरफ्तार आतंकियों से पूछताछ के दौरान, उन्होंने हथियारों की निशानदेही की। सुरक्षा बलों ने उनकी जानकारी पर जलियां गांव में एक किराये के मकान पर रेड मारी, जहां से और भी अवैध हथियार बरामद हुए हैं। अब इन हथियारों की जांच और आतंकियों के मंसूबों को समझने के लिए गहन पूछताछ जारी है।
पहलगाम आतंकी हमले का संदर्भ
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में एक सुनियोजित आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें 25 भारतीय टूरिस्ट शामिल थे। चार से पांच heavily-armed आतंकियों ने इस निर्दोष समूह पर गोलीबारी की थी। इस हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया और ऑपरेशन सिंदूर नामक विशेष अभियान चलाकर जवाबी कार्रवाई की।
सुरक्षा बलों की चौकसी और बढ़ती सतर्कता
पहलगाम हमले के बाद जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा और चौकसी को बहुत कड़ा कर दिया गया है। LOC (लाइन ऑफ कंट्रोल) पर पैनी निगरानी रखी जा रही है, और लगातार चेकिंग अभियान चलाए जा रहे हैं। सुरक्षा बलों ने हर क्षेत्र में जवान तैनात कर आतंकवाद के खिलाफ पूरी मुस्तैदी से लड़ाई जारी रखी है।
पुंछ जिले से दो आतंकियों की गिरफ्तारी और अवैध हथियार बरामदगी सुरक्षा बलों की आतंकवाद के खिलाफ निरंतर लड़ाई में एक बड़ी सफलता है। इस कार्रवाई से आतंकवादियों के मंसूबों को नाकाम करने और आगामी खतरों को रोकने में मदद मिलेगी। पहलगाम आतंकी हमले के बाद से जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा व्यवस्था बेहद संवेदनशील और सतर्क बनी हुई है, जिससे आतंकवादियों को किसी भी साजिश को अंजाम देने का मौका नहीं मिल रहा है।
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