Patna: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को वर्चुअली बिहार राज्य जीविका निधि शाखा सहकारी संघ लिमिटेड का शुभारंभ किया। इस मौके पर पीएम ने 105 करोड़ रुपये की राशि जीविका दीदियों के खातों में ट्रांसफर की और महिला सशक्तिकरण की दिशा में इसे एक मजबूत कदम बताया।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी भावुक भी नजर आए। उन्होंने हाल ही में कांग्रेस और राजद के मंच से की गई व्यक्तिगत टिप्पणियों पर गहरी नाराजगी जाहिर की। पीएम मोदी ने कहा, “बिहार में मेरी मां को गालियां दी गईं। ये गालियां सिर्फ मेरी मां नहीं, बल्कि देश की करोड़ों माताओं, बहनों और बेटियों का अपमान है।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी मां का राजनीति से कोई संबंध नहीं था, लेकिन उन्हें कांग्रेस-RJD नेताओं ने अपशब्द कहे। उन्होंने कहा, “मेरी मां अब इस दुनिया में नहीं हैं, फिर भी उन्हें गालियां दी गईं। यह अपमान हर उस मां का है जो अपने बच्चों के लिए त्याग करती है।”
पीएम मोदी ने मंच से अपने बचपन की यादें साझा करते हुए कहा कि उनकी मां कभी भी अपनी तकलीफों को जाहिर नहीं करती थीं। बारिश में घर की छत टपकती थी तो वह खुद उसे ठीक कराती थीं, बीमार होने पर भी काम करती थीं। उन्होंने कहा, “मां का स्थान भगवान से पहले होता है। बिहार के संस्कार यही सिखाते हैं।”
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस और आरजेडी पर निशाना साधते हुए कहा कि “नामदार लोग” सत्ता को अपनी विरासत मानते हैं और उन्हें यह बर्दाश्त नहीं हो रहा कि एक गरीब मां का बेटा प्रधानमंत्री बन गया है।
जीविका निधि से महिला सशक्तिकरण को मिलेगा बल
कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि जीविका निधि की शुरुआत से राज्य की लाखों महिलाओं को लाभ मिलेगा। सीएम नीतीश ने बताया कि राज्य सरकार ने इसके लिए 1000 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है, जिसमें से पहले चरण में 105 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए हैं।
नीतीश कुमार ने बताया कि 2006 में विश्व बैंक से लोन लेकर स्वयं सहायता समूह ‘जीविका’ की शुरुआत की गई थी, जो आज राज्य की महिलाओं के आत्मनिर्भरता की पहचान बन चुका है। उन्होंने कहा, “हमने 2005 से ही महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी है। 2013 से पुलिस में महिलाओं को 35% आरक्षण भी दिया गया है।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह कार्यक्रम केवल एक योजना के शुभारंभ तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें भावनाओं, राजनीतिक संदेश और महिला सशक्तिकरण का एक गहरा संदेश भी छिपा था। जीविका निधि के माध्यम से बिहार की लाखों महिलाएं आर्थिक रूप से और सशक्त होंगी, वहीं मंच से उठाए गए सवाल 2025 के राजनीतिक परिदृश्य की झलक भी दे रहे हैं।










