BCCI New Sponsorship Rule: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने टीम इंडिया के नए मुख्य प्रायोजक (Main Sponsor) की तलाश शुरू कर दी है। इसके लिए 2 सितंबर से 16 सितंबर 2025 तक निविदाएँ आमंत्रित की गई हैं। लेकिन इस बार BCCI ने बेहद सख्त दिशानिर्देश तय किए हैं, जिससे क्रिप्टो, ऑनलाइन गेमिंग और जुए से जुड़ी कंपनियाँ बाहर हो गई हैं।

ड्रीम11 के साथ संबंधों का अंत
ड्रीम11, जो कि ऑनलाइन फैंटेसी गेमिंग प्लेटफॉर्म है, BCCI का मौजूदा मुख्य प्रायोजक था। यह करार मार्च 2026 तक के लिए था और इसकी कुल वैल्यू ₹358 करोड़ रुपये थी। लेकिन हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा पारित ‘ऑनलाइन गेमिंग के प्रचार और विनियमन विधेयक’ के चलते BCCI ने ड्रीम11 से अनुबंध खत्म करने का निर्णय लिया।

BCCI सचिव देबजीत सैकिया ने ANI को बताया, “अब से किसी भी ऑनलाइन गेमिंग या जुए से जुड़ी कंपनी के साथ करार नहीं किया जाएगा।” यह फैसला खेल की छवि और युवाओं पर पड़ने वाले प्रभाव को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
नए प्रायोजकों के लिए दिशानिर्देश
BCCI की नई गाइडलाइंस के अनुसार, निम्नलिखित कंपनियाँ निविदा प्रक्रिया से बाहर रहेंगी:
क्रिप्टोकरेंसी और ब्लॉकचेन से जुड़ी कंपनियाँ
ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी से जुड़ी संस्थाएँ
शराब और तंबाकू उत्पादों से संबंधित ब्रांड्स
सरोगेट ब्रांडिंग करने वाली कंपनियाँ (जो नाम छुपाकर प्रचार करती हैं)
यह निर्णय भारतीय क्रिकेट को जिम्मेदार और पारदर्शी ब्रांड्स के साथ जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
कौन हो सकता है नया प्रायोजक?
सूत्रों की मानें तो BCCI इस समय टोयोटा मोटर कॉर्पोरेशन और एक भारतीय फिनटेक स्टार्टअप के संपर्क में है। अगर डील फाइनल होती है, तो यह भारत में पहली बार होगा जब किसी फिनटेक कंपनी को भारतीय क्रिकेट टीम की जर्सी पर स्थान मिलेगा।भारत जल्द ही एशिया कप 2025 खेलने जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, सूर्यकुमार यादव समेत अन्य खिलाड़ियों की जर्सियों पर इस बार कोई प्रायोजक नाम नहीं होगा। वहीं, महिला विश्व कप, जो 30 सितंबर से शुरू हो रहा है, उसके लिए भी कोई प्रायोजक तय नहीं हुआ है।
BCCI की कमाई का लक्ष्य
BCCI इस बार नए मुख्य प्रायोजक से ₹452 करोड़ रुपये की कमाई का लक्ष्य रख रही है, जो पिछली डील से लगभग ₹94 करोड़ ज्यादा है। यह भारतीय क्रिकेट के बढ़ते ब्रांड वैल्यू को दर्शाता है।
BCCI का यह कदम यह साबित करता है कि भारतीय क्रिकेट अब केवल आर्थिक फायदे से नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी और नैतिक मूल्यों को ध्यान में रखते हुए निर्णय ले रहा है। नए प्रायोजक की घोषणा से पहले ही यह साफ हो गया है कि भविष्य में भारतीय क्रिकेट टीम केवल सद्भावना और विश्वसनीयता से जुड़ी कंपनियों के साथ ही कदम बढ़ाएगी।
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