Jashpur Accident : जशपुर जिले के बगीचा थाना क्षेत्र के जुरूडाँड़ गांव में गणेश विसर्जन के दौरान मंगलवार रात करीब 10:30 बजे एक भीषण सड़क हादसा हुआ। विसर्जन के लिए जा रहे ग्रामीणों की भीड़ में एक तेज़ रफ्तार बोलेरो घुस गई, जिससे तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और 25 से अधिक लोग घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल लोगों को अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। हादसे के बाद गुस्साई भीड़ ने बोलेरो चालक की जमकर पिटाई की और उसे पुलिस के हवाले कर दिया।

कैसे हुआ हादसा?
मंगलवार की रात जुरूडाँड़ गांव में गणेश विसर्जन जुलूस निकाला जा रहा था। श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ बैंड-बाजे और जयघोष के साथ मूर्ति विसर्जन के लिए जा रहे थे। इसी दौरान एक तेज़ रफ्तार बोलेरो वाहन अनियंत्रित होकर जुलूस में घुस गया और लोगों को रौंदते हुए आगे बढ़ गया। हादसा इतना भीषण था कि तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई गंभीर रूप से घायल हो गए।

घायल लोगों का इलाज जारी
घटना के बाद घायलों को तत्काल स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, गंभीर रूप से घायल 10 से अधिक लोगों को अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में रेफर किया गया है। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। प्रशासन द्वारा इमरजेंसी मेडिकल टीम और अतिरिक्त डॉक्टरों को भी तैनात किया गया है।
बोलेरो चालक की लोगों ने की पिटाई
हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत बोलेरो को रोक लिया और चालक को भीड़ ने पकड़कर जमकर पीटा। बाद में पुलिस मौके पर पहुंची और चालक को भीड़ से छुड़ाकर हिरासत में ले लिया। बोलेरो को भी जब्त कर लिया गया है। पुलिस इस हादसे की जांच में जुट गई है और आरोपी चालक से पूछताछ की जा रही है।

मौके पर पहुंचा प्रशासन, जांच के आदेश
घटना की सूचना मिलते ही बगीचा थाना पुलिस, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुंची। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और परिजनों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया गया है। पुलिस ने हादसे की प्राथमिक जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हादसा दुर्घटनावश था या लापरवाही का मामला।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
गांव में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है। लोगों ने कहा कि त्यौहार के समय प्रशासन को सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था चाक-चौबंद करनी चाहिए थी। लोगों ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा और घायलों के इलाज के लिए सहायता राशि की मांग की है।
जशपुर का यह हादसा एक धार्मिक उत्सव को मातम में बदल गया। प्रशासन और पुलिस को चाहिए कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई करें और पीड़ितों को तत्काल राहत पहुंचाएं। भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए त्यौहारों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना जरूरी है।










