Rakesh Singh Arrested: कोलकाता पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए भाजपा नेता राकेश सिंह को मंगलवार देर रात तंगरा इलाके के एक फ्लैट से गिरफ्तार कर लिया। राकेश सिंह पर पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के गेट पर तोड़फोड़ करने का गंभीर आरोप है। अधिकारियों ने बुधवार को इसकी पुष्टि की और बताया कि सिंह बीते पांच दिनों से फरार थे।

पांच दिनों से पुलिस की नजर से बचते रहे
कोलकाता पुलिस के मुताबिक, कांग्रेस कार्यालय में हुई तोड़फोड़ की घटना के बाद FIR दर्ज की गई थी, जिसके तहत राकेश सिंह की तलाश शुरू की गई। लेकिन वे लगातार अपने आवास से फरार रहे और गिरफ्तारी से बचते रहे। पुलिस ने उनके ठिकानों पर कई बार छापेमारी की, लेकिन हर बार वह बच निकलते।

इस बीच राकेश सिंह सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय रहे। उन्होंने वीडियो संदेश जारी कर कोलकाता पुलिस पर राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाया और खुद को निर्दोष बताया। उनके वीडियो संदेशों में उन्होंने कहा कि “यह गिरफ्तारी एक राजनीतिक साजिश है और मुझे झूठे केस में फंसाया जा रहा है।”
तंगरा इलाके में फ्लैट से मिली जानकारी के बाद हुई कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर मंगलवार देर रात तंगरा स्थित एक फ्लैट पर छापा मारा गया, जहां राकेश सिंह छिपे हुए थे। छापेमारी के दौरान वह अकेले ही फ्लैट में मौजूद थे और पुलिस को देख भागने की कोशिश की, लेकिन उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।
कांग्रेस कार्यालय में तोड़फोड़ का मामला
इस घटना की जड़ें पिछले सप्ताह हुई उस घटना में हैं, जब पश्चिम बंगाल कांग्रेस कार्यालय में कुछ अज्ञात लोगों द्वारा तोड़फोड़ की गई थी। कांग्रेस पार्टी ने इस हमले का सीधा आरोप भाजपा और राकेश सिंह पर लगाया था। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह हमला राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित था।
FIR में राकेश सिंह पर उपद्रव, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सार्वजनिक शांति भंग करने जैसे धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
क्या बोले पुलिस अधिकारी?
कोलकाता पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “हमारे पास पुख्ता सबूत थे कि राकेश सिंह इस मामले में शामिल थे। उन्होंने गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार पुलिस की कार्रवाई में बाधा डाली, लेकिन अंततः हमारी टीम ने उन्हें पकड़ लिया है। जल्द ही उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।”
राकेश सिंह की गिरफ्तारी ने एक बार फिर पश्चिम बंगाल की राजनीति में गरमाहट ला दी है। एक ओर भाजपा इसे राजनीतिक प्रताड़ना बता रही है, तो वहीं कांग्रेस इसे न्याय की जीत मान रही है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह मामला किस मोड़ पर पहुंचता है।










