West Bengal Assembly chaos: गुरुवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा में जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायकों के बीच तीखी झड़प हो गई, जिसके चलते विधानसभा की गरिमा खतरे में पड़ गई। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि मार्शल को बुलाना पड़ा। इस घटना के बाद बीजेपी विधायक शंकर घोष को विधानसभा से निलंबित कर दिया गया।

ममता बनर्जी का बीजेपी पर तीखा हमला
सीएम ममता बनर्जी ने इस पूरे प्रकरण के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि बीजेपी बंगाल विरोधी और बांग्ला-बिरोधी पार्टी है। उन्होंने सदन में कहा कि बीजेपी नहीं चाहती कि बंगाल की जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो। ममता ने बीजेपी पर वोट चुराने और भ्रष्टाचार का भी आरोप लगाया।

“बीजेपी चोरों की पार्टी है। संसद में हमारे सांसदों को परेशान करने के लिए सीआईएसएफ का इस्तेमाल किया गया,” – ममता बनर्जी
सीएम ने आगे कहा कि बंगाल में वह दिन दूर नहीं जब बीजेपी का एक भी विधायक विधानसभा में नहीं होगा, क्योंकि जनता उन्हें पूरी तरह नकार देगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को भी आड़े हाथों लिया और कहा कि केंद्र की बीजेपी सरकार जल्द ही गिरने वाली है।
विधानसभा में लोकतंत्र की हत्या: शुभेंदु अधिकारी
विधानसभा में हुई इस अशांति के बाद विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो शेयर करते हुए लिखा:“ममता बनर्जी और उनके विधायकों ने आज लोकतंत्र की हत्या की है।” उन्होंने आरोप लगाया कि सीएम खुद सदन में अनुशासन भंग करने में शामिल थीं और टीएमसी ने विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश की।
बीजेपी विधायक शंकर घोष निलंबित
हंगामे के दौरान बीजेपी विधायक शंकर घोष और मार्शल के बीच भी झड़प हो गई, जिसके बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। इस फैसले पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी और इसे तानाशाही करार दिया।
पश्चिम बंगाल विधानसभा में गुरुवार का दिन पूरी तरह से हंगामे और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में बीत गया। जहां एक ओर ममता बनर्जी ने बीजेपी पर लोकतंत्र और बंगाल विरोधी रवैये का आरोप लगाया, वहीं विपक्ष ने टीएमसी पर सदन की गरिमा भंग करने और विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया।










