CWG 2026 Boxing: ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत की युवा महिला मुक्केबाज अरुंधति चौधरी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं के 70 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल में जगह बना ली है। 23 वर्षीय भारतीय बॉक्सर ने सेमीफाइनल मुकाबले में वेल्स की अनुभवी मुक्केबाज रोजी एक्लेस को एकतरफा अंदाज में हराकर स्वर्ण पदक मुकाबले का टिकट हासिल किया। इस जीत के साथ अरुंधति ने भारत के लिए कम से कम रजत पदक सुनिश्चित कर दिया है और अब उनकी नजर गोल्ड मेडल जीतकर देश का गौरव बढ़ाने पर है।

सेमीफाइनल में दिखाया दमदार खेल
सेमीफाइनल मुकाबले में अरुंधति चौधरी शुरुआत से ही पूरी तरह आक्रामक नजर आईं। उन्होंने अपने तेज पंच, शानदार फुटवर्क और बेहतरीन रणनीति से वेल्स की मुक्केबाज पर लगातार दबाव बनाए रखा। मुकाबले के अंत में निर्णायकों ने भारतीय खिलाड़ी के पक्ष में फैसला सुनाया और अरुंधति ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया। उनकी इस जीत ने भारतीय बॉक्सिंग दल का मनोबल भी काफी बढ़ाया है।

शुरुआती दो राउंड में बनाई मजबूत बढ़त
राजस्थान के कोटा की रहने वाली अरुंधति ने पहले और दूसरे राउंड में अपने प्रतिद्वंद्वी को कोई बड़ा मौका नहीं दिया। उन्होंने लगातार सटीक पंच लगाए और रिंग में पूरा नियंत्रण बनाए रखा। शुरुआती दोनों राउंड में निर्णायकों ने उन्हें स्पष्ट बढ़त दी, जिससे मुकाबले का रुख पूरी तरह भारत के पक्ष में हो गया। उनके आत्मविश्वास और तकनीकी कौशल ने यह साबित कर दिया कि वह इस प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक की प्रबल दावेदार हैं।
पेनल्टी के बावजूद नहीं डगमगाया आत्मविश्वास
मुकाबले के तीसरे और अंतिम राउंड में अरुंधति को एक अंक की पेनल्टी का सामना करना पड़ा। हालांकि इसका उनके प्रदर्शन पर कोई खास असर नहीं पड़ा। उन्होंने संयम बनाए रखा और पूरे मुकाबले में अपनी बढ़त कायम रखी। अंततः निर्णायकों ने उन्हें 4-0 के अंतर से विजेता घोषित किया। इस जीत के साथ उन्होंने फाइनल में प्रवेश कर भारत के लिए एक और पदक सुनिश्चित कर दिया।
अब गोल्ड मेडल के लिए होगी इंग्लैंड से टक्कर
फाइनल मुकाबले में अरुंधति चौधरी का सामना इंग्लैंड की मुक्केबाज शेन्टिली रीड से होगा। दोनों खिलाड़ियों के बीच यह मुकाबला काफी रोमांचक रहने की उम्मीद है। भारतीय प्रशंसकों की निगाहें अब इस स्वर्ण पदक मुकाबले पर टिकी हैं, जहां अरुंधति के पास राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के लिए गोल्ड जीतने का सुनहरा अवसर होगा।
भारत के लिए चौथा पक्का पदक
अरुंधति चौधरी की इस उपलब्धि के साथ भारत ने राष्ट्रमंडल खेलों की बॉक्सिंग प्रतियोगिता में अपना चौथा रजत पदक सुनिश्चित कर लिया है। वह मौजूदा प्रतियोगिता में फाइनल में पहुंचने वाली चौथी भारतीय मुक्केबाज बनी हैं। इससे पहले भारतीय मुक्केबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक मुकाबले में अपनी जगह बनाई थी। अरुंधति की सफलता ने भारतीय बॉक्सिंग दल के अभियान को और मजबूत किया है।
इन भारतीय मुक्केबाजों ने भी बनाया फाइनल में स्थान
अरुंधति से पहले प्रीति पवार ने महिलाओं के 54 किलोग्राम भारवर्ग, अंकुश पंघल ने पुरुषों के 80 किलोग्राम भारवर्ग और जैस्मिन लंबोरिया ने महिलाओं के 57 किलोग्राम वर्ग में फाइनल का टिकट हासिल किया था। इन खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन ने भारत की पदक उम्मीदों को काफी मजबूत किया है। इसके अलावा भारतीय टीम के छह अन्य मुक्केबाज भी फाइनल में पहुंचने की दौड़ में बने हुए हैं।
पदक तालिका में भारत की मजबूत मौजूदगी
ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय दल लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहा है। अब तक भारत के खाते में कुल 17 पदक आ चुके हैं। इनमें 3 स्वर्ण, 8 रजत और 6 कांस्य पदक शामिल हैं। इस प्रदर्शन के दम पर भारत पदक तालिका में शीर्ष 10 देशों में अपनी जगह बनाए हुए है। विभिन्न खेलों में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन यह संकेत दे रहा है कि आगामी मुकाबलों में पदकों की संख्या और बढ़ सकती है।
युवा खिलाड़ियों से बढ़ी स्वर्ण पदक की उम्मीद
अरुंधति चौधरी जैसे युवा खिलाड़ियों का प्रदर्शन भारतीय खेलों के उज्ज्वल भविष्य का संकेत माना जा रहा है। कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय मंच पर लगातार शानदार प्रदर्शन करना उनकी प्रतिभा और मेहनत को दर्शाता है। अब देशभर के खेल प्रेमियों की नजरें उनके फाइनल मुकाबले पर हैं। यदि वह स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहती हैं तो यह न केवल उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि होगी, बल्कि भारतीय बॉक्सिंग के लिए भी एक ऐतिहासिक सफलता साबित होगी।
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