Delhi Police Marriage Case: हरियाणा के पलवल जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें दिल्ली पुलिस में नौकरी लगते ही एक महिला कॉन्स्टेबल ने अपने पति को छोड़ दिया। यह मामला अब कोर्ट तक पहुंच चुका है और सोशल मीडिया पर SDM ज्योति मौर्य केस की तरह चर्चा में आ गया है। पति पीतम ने अपनी पत्नी पर धोखा देने का आरोप लगाया है, वहीं महिला कॉन्स्टेबल ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए खुद को पीड़िता बताया है।

कैसे शुरू हुआ रिश्ता?
पीतम, जो पलवल जिले के बड़ौली गांव के रहने वाले हैं, ने 2021 में एक लाइब्रेरी शुरू की थी। इसी दौरान राजीव नगर की एक युवती वहां पढ़ाई के लिए आती थी। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और 4 जनवरी 2023 को बल्लभगढ़ के एक आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली गई।

पति का आरोप – नौकरी लगते ही बदला व्यवहार
पीतम का दावा है कि उन्होंने पत्नी की दिल्ली पुलिस में भर्ती की तैयारी में पूरा सहयोग किया। इसके लिए उन्होंने लाइब्रेरी और कुछ जमीन भी बेच दी। फरवरी 2024 में महिला की ट्रेनिंग शुरू हुई और फरवरी 2025 में ट्रेनिंग पूरी करके वह मायके लौट आई, लेकिन अब पति के साथ रहने से इंकार कर रही है।
पीतम ने यह भी आरोप लगाया कि वेरिफिकेशन के दौरान पत्नी ने खुद को अविवाहित बताया था, जिससे उन्हें बाद में पता चला। उनका कहना है कि वह इस धोखे से मानसिक रूप से टूट चुके हैं और कोर्ट में HMA सेक्शन 9 के तहत पत्नी को वापस लाने के लिए याचिका दाखिल की है।
पत्नी का पलटवार – कहा धोखे से कराई शादी
दिल्ली पुलिस में कार्यरत महिला कॉन्स्टेबल ने पति के आरोपों को झूठा और निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि पीतम ने बहकाकर और दबाव डालकर मंदिर में शादी कराई। शादी के समय वह स्थिति को समझ नहीं पाईं क्योंकि वहां पीतम के परिजन भी पहले से मौजूद थे।
कॉन्स्टेबल ने यह भी दावा किया कि उन्होंने पीतम की आर्थिक मदद करते हुए उन्हें 6 लाख रुपये भी दिए थे, और अपनी तैयारी का पूरा खर्च खुद उठाया। उनका कहना है कि पीतम अब उन्हें तलाक देने के लिए मानसिक दबाव डाल रहे हैं और गुजारा भत्ते की धमकी दे रहे हैं।
मामला कोर्ट में, दोनों पक्षों के तर्क तीखे
फिलहाल यह मामला कोर्ट में है और फरवरी 2026 में अगली सुनवाई की तारीख तय की गई है। वहीं, पीतम ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग तक शिकायत पहुंचा दी है।
यह मामला आधुनिक रिश्तों, करियर और व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं के टकराव को उजागर करता है। जहां एक ओर पति खुद को त्याग और धोखे का शिकार मान रहा है, वहीं पत्नी इसे दबाव में की गई शादी बता रही हैं। दोनों पक्षों के तर्कों को अब अदालत में परखा जाएगा, लेकिन यह घटना समाज में विवाह, भरोसे और जिम्मेदारी को लेकर कई गंभीर सवाल जरूर खड़े करती है।
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