Garasa Dam Surguja : सरगुजा जिले के लुंड्रा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गेरसा स्थित गेरसा जलाशय शनिवार सुबह अचानक टूटने लगा। देखते ही देखते बांध का एक हिस्सा लगभग 3 मीटर चौड़ा होकर धंस गया और तेज धार से पानी निकलने लगा। घटना की सूचना सबसे पहले चरवाहों ने दी, जो सुबह 9 बजे अपने मवेशी चराने जंगल की ओर जा रहे थे। चरवाहों ने पानी की असामान्य कुलबुलाहट और तेज आवाज सुनकर जब मौके पर पहुंचे तो पाया कि बांध के साइड गेट के पास मिट्टी खिसककर बड़ा सुराख बन गया है। जानकारी लगते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं।

ग्रामीणों ने तत्काल गांव में सूचना फैलाई, जिसके बाद पूरे इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया। बांध के नीचे बसे खेतों में लगे करीब 30 एकड़ क्षेत्रफल की फसल डूबने और खराब होने की आशंका जताई जा रही है। कई किसान अपनी खड़ी धान और सब्जी की फसलों को लेकर गहरी चिंता में हैं।

घटना की जानकारी मिलते ही जल संसाधन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तेज जलप्रवाह और मिट्टी के लगातार कटाव के चलते अब तक कोई ठोस बचाव कार्य शुरू नहीं हो सका है। टीम ने प्राथमिक जांच में माना है कि यदि रिसाव और मिट्टी का कटाव इसी गति से जारी रहा तो आने वाले घंटों में बांध का और बड़ा हिस्सा टूट सकता है।
जानकारी मिलते ही कलेक्टर सरगुजा विलास भोसकर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे। मौके पर कलेक्टर ने वस्तुस्थिति का आलोकन किया। विभाग के कर्मचारी पानी कम होने का इंतजार कर रहे हैं, तभी डैम के कटे हुए हिस्से को बांधने की पहल की जा सकती है। गेरसा डैम का निर्माण 1991-92 में हुआ था।
स्थानीय विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि तुरंत वैकल्पिक उपाय नहीं किए गए तो पूरा बांध क्षतिग्रस्त होने का खतरा है। इससे न केवल किसानों की फसलें प्रभावित होंगी, बल्कि आसपास के गांवों में भी जलभराव और नुकसान की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

घटना से गांव के लोग डरे और सहमे हुए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई और स्थायी समाधान की मांग की है। फिलहाल जिला प्रशासन हालात पर नज़र बनाए हुए है और आसपास के गांवों को सतर्क रहने की अपील की गई है।











