Odisha Nayagarh Incident : ओडिशा के नयागढ़ जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक नाबालिग छात्र फरानरुद्दीन खान की मदरसे में बेरहमी से हत्या कर दी गई। मृतक मूल रूप से कटक जिले के आठगढ़ का रहने वाला था और नयागढ़ के नीलापल्ली में एक मदरसे में पढ़ाई कर रहा था। पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ है कि फरानरुद्दीन को मदरसे के कुछ सीनियर छात्रों द्वारा लंबे समय तक यौन शोषण का शिकार बनाया जा रहा था। जब उसने इस बर्बरता को उजागर करने की धमकी दी, तो उसकी हत्या कर दी गई।

घटना की पूरी जानकारी
31 अगस्त 2025 को फरानरुद्दीन के साथ दो सीनियर छात्रों ने यौन शोषण किया और फिर उसे मदरसे के बंद शौचालय के टैंक में फेंक दिया। उसके सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं, लेकिन आरोपी समझ बैठे कि वह मर चुका है। इसके बावजूद वह रात में टैंक से भागने में सफल रहा। लेकिन 2 सितंबर को आरोपी छात्रों ने फिर से उसे उसी जगह बुलाया, जहां तीन अन्य साथी पहले से मौजूद थे। पांचों ने मिलकर दोबारा यौन शोषण किया और फिर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को उसी टॉयलेट टैंक में फेंक दिया गया।

पुलिस की सख्त कार्रवाई
राजसुंखला थाना पुलिस ने पीओसीएसओ एक्ट (Protection of Children from Sexual Offences) के तहत इस मामले में केस दर्ज किया है। जांच में पांचों नाबालिग छात्रों को दोषी पाया गया, जिन्हें गिरफ्तार कर जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के समक्ष पेश किया गया। सभी आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। मदरसे ने इन सभी का नाम हटा दिया है।
मदरसे में यौन शोषण की घटनाओं का खुलासा
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी छात्र अन्य जूनियर छात्रों के साथ भी यौन शोषण करते रहे हैं। फरानरुद्दीन के द्वारा इस मामले को उजागर करने की धमकी देने पर उसकी हत्या की साजिश रची गई। घटना के बाद मदरसे के शिक्षक को सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया।
समाज में चिंता और सुरक्षा की जरूरत
यह दर्दनाक घटना नयागढ़ और ओडिशा में बच्चों की सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल खड़ा करती है। धार्मिक और शैक्षणिक संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा के लिए सख्त निगरानी और प्रभावी कानूनों की आवश्यकता है। कई सवाल उठते हैं कि इतनी गंभीर घटनाएं कैसे हुईं और प्रशासन की नजर क्यों नहीं पड़ी।
फरानरुद्दीन खान की हत्या ने बच्चों की सुरक्षा की जरूरत को स्पष्ट कर दिया है। सरकार और संबंधित संस्थानों को मिलकर ऐसे अपराधों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने होंगे ताकि मासूम बच्चों को सुरक्षित माहौल मिल सके। पुलिस की तत्परता से आरोपियों को गिरफ्तार कर न्याय की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उम्मीद है कि दोषियों को जल्द सजा मिलेगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगेगी।










