Dhamtari Encroachment Drive : छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में सरकारी भूमि पर किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 से अधिक स्थानों से अतिक्रमण हटा दिया। इस अभियान को राजस्व विभाग और संबंधित ग्राम पंचायत की संयुक्त टीम ने अंजाम दिया। लंबे समय से मिल रही शिकायतों और राजस्व जांच में अवैध कब्जे की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने नियमानुसार कार्रवाई शुरू की। अभियान के दौरान जेसीबी मशीनों की सहायता से सरकारी भूमि पर किए गए निर्माणों को ध्वस्त कर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।

सुबह से सक्रिय रही संयुक्त टीम, पहले दी गई चेतावनी
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सुबह से ही शुरू कर दी गई थी। राजस्व विभाग और ग्राम पंचायत के अधिकारी मौके पर पहुंचे और कब्जाधारियों को पहले स्वयं अतिक्रमण हटाने के लिए कहा गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि लोग स्वेच्छा से कब्जा नहीं हटाएंगे तो प्रशासन नियमानुसार सख्त कार्रवाई करेगा। चेतावनी के बाद जब अवैध निर्माण नहीं हटाए गए तो जेसीबी मशीनों की मदद से सभी अवैध ढांचों को गिरा दिया गया। इस दौरान पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।

सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैनात रहा भारी पुलिस बल
प्रशासन ने कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए पहले से ही पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की थी। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में अभियान चलाया गया, जिससे पूरे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनी रही। अधिकारियों के अनुसार कार्रवाई के दौरान किसी भी व्यक्ति ने विरोध या हंगामा नहीं किया, जिसके चलते अतिक्रमण हटाने का अभियान तय समय में सफलतापूर्वक पूरा हो गया।
सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर था अवैध कब्जा
राजस्व विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिस जमीन से कब्जा हटाया गया, वह सरकारी और सार्वजनिक उपयोग के लिए सुरक्षित भूमि है। इस भूमि पर कुछ लोगों ने अवैध रूप से निर्माण कर कब्जा कर लिया था। पंचायत की ओर से लगातार शिकायतें मिलने के बाद राजस्व विभाग ने मौके का निरीक्षण किया, जिसमें अतिक्रमण की पुष्टि हुई। इसके बाद प्रशासन ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराया।
जल निकासी बाधित होने से बढ़ रही थी लोगों की परेशानी
स्थानीय ग्रामीणों का कहना था कि अवैध निर्माण के कारण क्षेत्र में पानी की निकासी का प्राकृतिक रास्ता बंद हो गया था। इसका सबसे अधिक असर बारिश के मौसम में देखने को मिलता था, जब जलभराव की स्थिति पैदा हो जाती थी। सड़क और आसपास के इलाकों में पानी जमा होने से लोगों का आवागमन प्रभावित होता था। इसके साथ ही गंदा पानी जमा रहने से मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा था। प्रशासन ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अतिक्रमण हटाने का निर्णय लिया।
नायब तहसीलदार ने कही सख्त कार्रवाई जारी रखने की बात
धमतरी के नायब तहसीलदार दुर्गेश तंवर ने बताया कि ग्राम पंचायत से प्राप्त शिकायत और राजस्व जांच के दौरान सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की पुष्टि हुई थी। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान जलभराव की समस्या भी लगातार सामने आ रही थी, इसलिए सार्वजनिक हित को ध्यान में रखते हुए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना प्रशासन की प्राथमिकता है और भविष्य में भी यदि कहीं सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत मिलेगी तो नियमानुसार इसी तरह सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सरकारी भूमि की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सतर्क
प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा। जिला प्रशासन लगातार ऐसे मामलों पर निगरानी रख रहा है और शिकायत मिलने पर तत्काल जांच कर कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से भी अपील की है कि सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण या कब्जे की जानकारी मिलने पर संबंधित विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई कर सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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