Elon Musk Navarro Reply : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सलाहकार पीटर नवारो और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) के मालिक एलन मस्क के बीच जोरदार विवाद खड़ा हो गया है। नवारो अक्सर भारत के खिलाफ नकारात्मक बयान देते रहते हैं, जिन पर एक्स ने फैक्ट चेक कर उनकी पोल खोल दी। इस पर भड़कते हुए नवारो ने एक्स और मस्क दोनों की आलोचना की, लेकिन एलन मस्क ने रविवार, 7 सितंबर को सोशल मीडिया पर साफ जवाब दिया कि एक्स पर सभी पक्षों की बात सुनी जाती है और कोई भी प्रोपगैंडा नहीं चलता।

नवारो के भारत विरोधी बयान
पीटर नवारो, जो डोनाल्ड ट्रंप के मुख्य सलाहकार भी रह चुके हैं, ने कई बार भारत को निशाना बनाया है। उन्होंने टैरिफ, व्यापार और रूस से तेल की खरीद को लेकर भारत पर आरोप लगाए। नवारो का कहना था कि भारत अमेरिका के टैरिफ के कारण अमेरिकी नौकरियां खत्म कर रहा है। साथ ही, उन्होंने यह भी दावा किया कि भारत रूस से मुनाफे के लिए तेल खरीद रहा है, जिससे रूस की युद्ध मशीन को बल मिलता है और यूक्रेन व रूस के लोग मर रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका के आम लोगों को इस वजह से ज्यादा आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है।

X का फैक्ट चेक और एलन मस्क का बयान
नवारो की इन बातों को X की फैक्ट-चेक टीम ने गलत साबित कर दिया। इसके बाद नवारो ने एक्स को ‘प्रोपगैंडा फैलाने वाला प्लेटफॉर्म’ कह दिया। हालांकि, एलन मस्क ने इस विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एक्स पोस्ट के जरिए स्पष्ट किया कि इस प्लेटफॉर्म पर सभी पक्षों की बात सुनी जाती है। मस्क ने लिखा, “इस प्लेटफॉर्म पर लोग ही कहानी तय करते हैं। आप बहस के सभी पक्ष सुनते हैं। कम्युनिटी नोट्स हर किसी को सुधारते हैं, कोई नई बात नहीं है। नोट्स, डेटा और कोड सब सार्वजनिक हैं। ग्रोक अतिरिक्त फैक्ट-चेकिंग करता है।”
एलन मस्क का यह बयान यह दर्शाता है कि एक्स अपनी स्वतंत्रता और पारदर्शिता के लिए प्रतिबद्ध है, और किसी भी तरह की एकतरफा सूचनाओं को प्रोत्साहित नहीं करता।
सोशल मीडिया पर बढ़ता विवाद
नवारो के भारत विरोधी बयानों और उनके खिलाफ फैक्ट-चेक की यह लड़ाई सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। भारत के समर्थक और आलोचक दोनों ही इस पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कई लोग एक्स की इस पारदर्शी नीति की सराहना कर रहे हैं, वहीं कुछ ट्रंप समर्थक नवारो के पक्ष में हैं।
पीटर नवारो और एलन मस्क के बीच यह विवाद केवल एक व्यक्तिगत टकराव नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर सूचनाओं की सत्यता और निष्पक्षता की बहस भी है। भारत के खिलाफ फैलाए गए झूठ और गलत सूचनाओं को X के फैक्ट-चेक ने बेनकाब किया है। वहीं, एलन मस्क का यह साफ बयान कि इस प्लेटफॉर्म पर सभी की बात सुनी जाती है, डिजिटल मीडिया में निष्पक्ष संवाद की उम्मीद जगाता है। इस विवाद ने एक बार फिर यह साबित किया है कि आज के दौर में सोशल मीडिया पर फैक्ट-चेक और पारदर्शिता कितनी जरूरी है, ताकि किसी भी देश या समुदाय के खिलाफ गलत प्रोपगैंडा न फैल सके।
Read More : Online Job Platform:OpenAI ला रहा है अपना जॉब प्लेटफॉर्म, युवाओं के लिए बड़े अवसर










