CG News: रायपुर के अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में सेन समाज की ओर से सेन शक्ति सम्मेलन एवं केश शिल्पी सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों से सेन समाज के पदाधिकारी, प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए। इसके अलावा दूसरे राज्यों से भी सेन समाज के राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारी कार्यक्रम में पहुंचे। समारोह में समाज की उपलब्धियों, सामाजिक योगदान और भविष्य की जरूरतों पर चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रहे मुख्य अतिथि
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान सेन समाज की ओर से विभिन्न मांगें मुख्यमंत्री के सामने रखी गईं। समाज की मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने रायपुर में सेन समाज के भवन के निर्माण के लिए 50 लाख रुपये देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री के इस ऐलान का समाज के लोगों ने स्वागत किया।

हजारों वर्षों से समाज में महत्वपूर्ण भूमिका
छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए सेन समाज की ऐतिहासिक और सामाजिक भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सेन समाज का योगदान केवल वर्तमान समय तक सीमित नहीं है, बल्कि हजारों वर्षों से समाज की व्यवस्था में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। जन्म से लेकर विवाह और मृत्यु तक जीवन के विभिन्न संस्कारों में सेन समाज की सेवाओं की जरूरत पड़ती है।
परिवार और रिश्तों से जुड़ा है सेन समाज
डॉ. रमन सिंह ने कहा कि सेन समाज के लोगों का आम जनता के साथ गहरा और भरोसे का रिश्ता रहा है। गांवों में पीढ़ियों से उनके सामाजिक और पारिवारिक संबंध बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि सेन समाज के लोग परिवार के एक सदस्य की तरह लोगों के सुख-दुख में शामिल होते हैं। यही वजह है कि समाज के बीच उनके प्रति लंबे समय से विश्वास और आत्मीयता कायम है।
ग्रामीण सामाजिक व्यवस्था में अहम योगदान
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि छत्तीसगढ़ की ग्रामीण सामाजिक संरचना में सेन समाज की जड़ें काफी गहरी हैं। पारंपरिक रूप से लोगों के साथ बने संबंध सामाजिक समरसता और आपसी सहयोग को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि समाज की यह सामंजस्यपूर्ण व्यवस्था छत्तीसगढ़ की सामाजिक संरचना का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है और लोकतांत्रिक व्यवस्था के विकास में भी ऐसे सामाजिक संबंधों की भूमिका रही है।

सीएम साय ने समारोह की सराहना की
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सेन शक्ति सम्मेलन में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में सेन समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंदौर, मध्य प्रदेश से पहुंचे, जबकि राजस्थान सहित अन्य राज्यों से भी समाज के प्रतिनिधि शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने सम्मेलन के सफल और भव्य आयोजन के लिए सेन समाज को बधाई दी।
केश शिल्पियों का हुआ सम्मान
समारोह के दौरान केश शिल्पियों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेन समाज की ओर से आयोजित यह कार्यक्रम सामाजिक एकजुटता का अच्छा उदाहरण है। उन्होंने गौरी शंकर श्रीवास को शिल्पी बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के हित में किए जा रहे प्रयासों को सरकार की ओर से आवश्यक सहयोग दिया जाएगा।
समाज भवन के लिए 50 लाख रुपये की घोषणा
मुख्यमंत्री साय ने सेन समाज के भवन की मांग पर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने भवन निर्माण के लिए 50 लाख रुपये देने की घोषणा की। इस घोषणा को समाज के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इससे सामाजिक कार्यक्रमों, बैठकों और विभिन्न गतिविधियों के लिए सेन समाज को एक स्थायी स्थान उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
शिवलिंग पर टिप्पणी मामले में कार्रवाई का दावा
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शिवलिंग को लेकर कथित अभद्र टिप्पणी के मामले पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पन्नालाल के खिलाफ इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई है और गिरफ्तारी भी हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कई जनप्रतिनिधि कार्यक्रम में रहे मौजूद
सेन शक्ति सम्मेलन एवं केश शिल्पी सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के अलावा विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, कौशल एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब और वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम में सेन समाज के पदाधिकारियों और सदस्यों ने सामाजिक एकता, सम्मान और संगठन को मजबूत करने का संकल्प भी व्यक्त किया।
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