Birbhum Quarry Accident: पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ, जब नलहाटी थाना क्षेत्र के बहादुरपुर गांव स्थित पत्थर की खदान अचानक ढह गई। इस हादसे में कम से कम छह मजदूरों की मौत हो गई जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को रामपुरहाट राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

हादसा कैसे हुआ?
यह घटना शुक्रवार दोपहर उस समय हुई जब मजदूर खदान से पत्थर निकालने में व्यस्त थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक खदान की दीवार का एक बड़ा हिस्सा भरभराकर गिर गया, जिससे वहां मौजूद कई मजदूर पत्थरों के नीचे दब गए। हादसे के वक्त खदान में लगभग 10-12 मजदूर काम कर रहे थे।

रेस्क्यू में जुटे अन्य मजदूर
खबर मिलते ही पास की अन्य खदानों के मजदूर मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य में जुट गए। लगभग दो घंटे की मेहनत के बाद छह शव निकाले गए, जबकि चार घायलों को बाहर निकालकर तुरंत अस्पताल भेजा गया।
ड्राइवर नजीरुल शेख ने सुनाई आपबीती
घायलों को अस्पताल पहुंचाने वाले ड्राइवर नजीरुल शेख ने बताया, “मुझे दोपहर 2 बजे बुलाया गया था। मैंने तुरंत मौके पर पहुंचकर चार घायलों को अस्पताल लाया।” अस्पताल में फिलहाल घायलों का इलाज चल रहा है, लेकिन दो की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है।
परिवारों में मातम, पुलिस कर रही जांच
मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। अस्पताल परिसर में भारी भीड़ जमा हो गई है। नलहाटी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि खदान में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं। साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि खदान को संचालन की वैध अनुमति थी या नहीं।
बारिश बनी हादसे की एक बड़ी वजह?
स्थानीय मजदूरों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से इलाके में भारी बारिश हो रही थी, जिससे खदान की मिट्टी नरम पड़ गई थी। संभावना जताई जा रही है कि कमजोर मिट्टी की वजह से खदान का ढांचा गिर गया। इस आशंका की भी जांच की जा रही है।
बीरभूम की यह खदान त्रासदी न केवल खनन सुरक्षा उपायों की पोल खोलती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि कैसे बारिश जैसी प्राकृतिक घटनाएं भी खतरनाक साबित हो सकती हैं यदि पर्याप्त सुरक्षा उपाय न किए जाएं। प्रशासन को अब ज़रूरत है कि वह सभी खदानों की स्थिति की जांच करे और मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करे, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों।










