CJI on judges power: जजों को नहीं भूलनी चाहिए जिम्मेदारी, CJI ने दी संवेदनशीलता की सीख

CJI on judges power: देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस बीआर गवई ने शनिवार को न्यायिक व्यवस्था को और पारदर्शी व जिम्मेदार बनाने की दिशा में अहम बयान दिया। वे सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (CAT) के 10वें अखिल भारतीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे, जहां देशभर से जज और ट्रिब्यूनल सदस्य शामिल हुए। CJI गवई ने कहा कि न्यायपालिका के पास अपार शक्ति है, लेकिन उसका इस्तेमाल विनम्रता और जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “हमारे सामने आने वाला हर वादी यह विश्वास लेकर आता है कि उसे न्याय मिलेगा। ऐसे में हमारे निर्णय निष्पक्ष और न्यायसंगत होने चाहिए।” जज-वकील एक रथ के दो पहिए CJI ने अपने भाषण में न्याय प्रणाली में वकीलों और जजों की संयुक्त भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा, “जज और वकील एक ही रथ के दो पहिए हैं। अगर दोनों साथ नहीं चलेंगे तो न्याय व्यवस्था ठप पड़ जाएगी।” उन्होंने कहा कि यह विचार आलोचना नहीं है, बल्कि आत्मचिंतन और सुधार का अवसर है, जिससे न्याय प्रणाली को और बेहतर बनाया जा सके। न्यायिक अधिकारियों के आचरण पर जताई चिंता मुख्य न्यायाधीश ने न्यायिक अधिकारियों, विशेषकर नव-नियुक्त जजों के आचरण पर भी चिंता जाहिर की। उन्होंने बताया कि अब से न्यायिक मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास (JMFC) बनने के लिए तीन साल की अनिवार्य वकालत की शर्त लागू की गई है। CJI ने एक हालिया घटना का जिक्र करते हुए कहा, “एक हाईकोर्ट में एक युवा वकील को जज ने इतनी कड़ी फटकार लगाई कि वह बेहोश हो गया। यह स्थिति चिंताजनक है। युवा जजों को पहले अदालत की प्रक्रिया और व्यवहार की समझ होनी चाहिए।” न्याय और मानवता के प्रेमी बनें नेता अपने संबोधन में उन्होंने मार्टिन लूथर किंग जूनियर के प्रसिद्ध भाषण का उल्लेख करते हुए कहा, “हमें ऐसे नेता चाहिए जो शोहरत या पैसे के पीछे नहीं, बल्कि न्याय और मानवता के लिए काम करें।” CJI गवई का यह बयान न्यायपालिका में बढ़ती चुनौतियों, नैतिकता और पारदर्शिता की आवश्यकता को उजागर करता है। उन्होंने जजों और वकीलों से आह्वान किया कि वे न्याय के वास्तविक उद्देश्य को समझें और उसका पालन करें। उनके विचार न केवल आत्मनिरीक्षण के लिए प्रेरित करते हैं, बल्कि न्यायिक प्रणाली को और सशक्त बनाने की दिशा में एक ठोस कदम भी हैं। Read More : Ozone Day Ambikapur: विश्व ओज़ोन दिवस पर अंबिकापुर में निबंध व चित्रकला प्रतियोगिता, 609 छात्रों और 51 शिक्षकों ने लिया हिस्सा

CJI on judges power: देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस बीआर गवई ने शनिवार को न्यायिक व्यवस्था को और पारदर्शी व जिम्मेदार बनाने की दिशा में अहम बयान दिया। वे सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (CAT) के 10वें अखिल भारतीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे, जहां देशभर से जज और ट्रिब्यूनल सदस्य शामिल हुए।

ads
Adst

CJI गवई ने कहा कि न्यायपालिका के पास अपार शक्ति है, लेकिन उसका इस्तेमाल विनम्रता और जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “हमारे सामने आने वाला हर वादी यह विश्वास लेकर आता है कि उसे न्याय मिलेगा। ऐसे में हमारे निर्णय निष्पक्ष और न्यायसंगत होने चाहिए।”

Adst

जज-वकील एक रथ के दो पहिए

CJI ने अपने भाषण में न्याय प्रणाली में वकीलों और जजों की संयुक्त भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा, “जज और वकील एक ही रथ के दो पहिए हैं। अगर दोनों साथ नहीं चलेंगे तो न्याय व्यवस्था ठप पड़ जाएगी।” उन्होंने कहा कि यह विचार आलोचना नहीं है, बल्कि आत्मचिंतन और सुधार का अवसर है, जिससे न्याय प्रणाली को और बेहतर बनाया जा सके।

न्यायिक अधिकारियों के आचरण पर जताई चिंता

मुख्य न्यायाधीश ने न्यायिक अधिकारियों, विशेषकर नव-नियुक्त जजों के आचरण पर भी चिंता जाहिर की। उन्होंने बताया कि अब से न्यायिक मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास (JMFC) बनने के लिए तीन साल की अनिवार्य वकालत की शर्त लागू की गई है।

CJI ने एक हालिया घटना का जिक्र करते हुए कहा, “एक हाईकोर्ट में एक युवा वकील को जज ने इतनी कड़ी फटकार लगाई कि वह बेहोश हो गया। यह स्थिति चिंताजनक है। युवा जजों को पहले अदालत की प्रक्रिया और व्यवहार की समझ होनी चाहिए।”

Adst

न्याय और मानवता के प्रेमी बनें नेता

अपने संबोधन में उन्होंने मार्टिन लूथर किंग जूनियर के प्रसिद्ध भाषण का उल्लेख करते हुए कहा, “हमें ऐसे नेता चाहिए जो शोहरत या पैसे के पीछे नहीं, बल्कि न्याय और मानवता के लिए काम करें।”

CJI गवई का यह बयान न्यायपालिका में बढ़ती चुनौतियों, नैतिकता और पारदर्शिता की आवश्यकता को उजागर करता है। उन्होंने जजों और वकीलों से आह्वान किया कि वे न्याय के वास्तविक उद्देश्य को समझें और उसका पालन करें। उनके विचार न केवल आत्मनिरीक्षण के लिए प्रेरित करते हैं, बल्कि न्यायिक प्रणाली को और सशक्त बनाने की दिशा में एक ठोस कदम भी हैं।

Read More : Ozone Day Ambikapur: विश्व ओज़ोन दिवस पर अंबिकापुर में निबंध व चित्रकला प्रतियोगिता, 609 छात्रों और 51 शिक्षकों ने लिया हिस्सा

Adst
Admin

Admin

Writer & Blogger

All Posts
पिछले पोस्ट
अगला पोस्ट

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • FIFA World Cup 2026
  • Thetarget365
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अन्य
  • अपराध
  • कारोबार
  • कृषि
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • ट्रेंड
  • ताज़ा खबर
  • धर्म
  • पशु-पक्षी
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • विचार/लेख
  • शिक्षा और नौकरी
  • साहित्य/मीडिया
  • सेहत-फिटनेस

© 2026 | All Rights Reserved | Thetarget365.com | Made By Top News Portal Development Company

Contacts

Call Us At – +91-:9406130006
WhatsApp – +91 62665 68872
Mail Us At – thetargetweb@gmail.com
Meet Us At – Shitla Ward, Ambikapur Dist. Surguja Chhattisgarh.497001.

Adst