CG Coal Scam: छत्तीसगढ़ के 570 करोड़ रुपये के कथित कोयला घोटाले (CG Coal Scam) में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जयचंद कोसले को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी जयचंद कोसले पर करीब 50 करोड़ रुपये के अवैध लेनदेन का आरोप है। साथ ही जांच में यह भी पता चला है कि कोसले का संबंध छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की करीबी अफसर और डिप्टी सेक्रेटरी टू सीएम सौम्या चौरसिया से था, जहां कोसले उनका निज सचिव भी रह चुका है।

गिरफ्तारी से पहले छापेमारी और पूछताछ
21 सितंबर को EOW की 12 सदस्यीय टीम ने जांजगीर-चांपा जिले में जयचंद कोसले के आवास पर छापेमारी की थी। इस छापेमारी के दौरान कोसले के घर से कई अहम दस्तावेज और साक्ष्य बरामद किए गए। इसके बाद करीब 6 घंटे तक जयचंद कोसले से पूछताछ की गई। जांच एजेंसी ने बताया कि पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं जो इस कोयला घोटाले की गुत्थी सुलझाने में मददगार साबित होंगी।

आरोप और जांच की दिशा
EOW की जांच में सामने आया है कि जयचंद कोसले ने कोयला घोटाले में बड़ी भूमिका निभाई थी, खासतौर पर 50 करोड़ रुपये के अवैध लेनदेन को अंजाम देने में। यह मामला छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी आर्थिक अपराध जांचों में से एक है, जिसमें कुल 570 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है।
जांच एजेंसी ने कहा है कि यह गिरफ्तारी जांच को और मजबूती प्रदान करेगी और आगे की कार्रवाई भी जल्द ही हो सकती है। कोयला घोटाले के मामले में कई बड़े नामों के होने की संभावना जताई जा रही है और जांच लगातार आगे बढ़ रही है।
सौम्या चौरसिया और जयचंद कोसले का संबंध
जयचंद कोसले का नाम छत्तीसगढ़ की राजनीति और प्रशासन से भी जुड़ा है क्योंकि वह पूर्व में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की करीबी अफसर सौम्या चौरसिया के निज सचिव के रूप में कार्यरत रहे हैं। सौम्या चौरसिया डिप्टी सेक्रेटरी टू सीएम के पद पर थीं, इसलिए इस संबंध की वजह से मामला और भी संवेदनशील हो गया है।
EOW की कार्रवाई और भविष्य की राह
EOW ने रविवार को ही जांजगीर-चांपा में कोसले के घर छापेमारी कर कई दस्तावेज और डिजिटल सामग्री जब्त की थी, जो इस घोटाले की जांच में अहम मानी जा रही हैं। अब जब कोसले को गिरफ्तार कर लिया गया है, तो उम्मीद है कि वह जांच में और सहयोग करेगा। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो इस घोटाले की तह तक जाने के लिए पूरी ताकत लगा रही है और जल्द ही और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
छत्तीसगढ़ के कोयला घोटाले ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। जयचंद कोसले की गिरफ्तारी इस मामले में महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है। कोयला क्षेत्र में हो रहे ऐसे अवैध लेनदेन की जांच से प्रदेश में पारदर्शिता और सुशासन लाने की उम्मीद है। सरकार और जांच एजेंसियां यह सुनिश्चित कर रही हैं कि दोषियों को जल्द से जल्द कानूनी दायरे में लाया जाए और राज्य के संसाधनों की सुरक्षा हो सके।











