Naxalite Encounter: नारायणपुर के अबूझमाड़ के महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षाबलों और माओवादी नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई है। इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने दो नक्सलियों को मार गिराया है। मारे गए नक्सलियों के शव बरामद कर लिए गए हैं, साथ ही घटनास्थल से भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक सामग्री और माओवादी साहित्य भी जब्त किया गया है। पुलिस अधीक्षक रोबिनस गुड़िया ने इस मुठभेड़ की पुष्टि की है।

मुठभेड़ की पृष्ठभूमि और ऑपरेशन
नारायणपुर के घने जंगलों में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे सुरक्षा अभियान के तहत अबूझमाड़ के इस सीमावर्ती क्षेत्र में नक्सलियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिली थी। इस सूचना के आधार पर सुरक्षा बलों ने तुरंत ऑपरेशन शुरू किया।

डीआरजी (ड्रैगन रेजिमेंट गोरिल्ला) और बीएसएफ (बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स) की संयुक्त टीम ने इलाके में घुसपैठ कर नक्सलियों का सामना किया। माओवादी नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर अचानक गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की।
मुठभेड़ में क्या मिला?
मुठभेड़ स्थल से एक पुरुष नक्सली का शव बरामद किया गया है। इसके साथ ही AK-47 रायफल, अन्य हथियार, भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, माओवादी साहित्य और प्रचार-प्रसार सामग्री भी जब्त की गई है। पुलिस और सुरक्षाबलों का सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मारे गए नक्सली की पहचान संबंधी कार्रवाई जारी है। इलाके में अभी भी सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ रुक-रुक कर जारी है।इस साल अबूझमाड़ और छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ कड़ा अभियान
2025 में छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा बलों ने कड़ी कार्रवाई की है। इस वर्ष अब तक 248 नक्सली मारे गए हैं, जिनमें से
219 नक्सली बस्तर संभाग के सात जिलों में मारे गए हैं, जिनमें नारायणपुर भी शामिल है।
27 नक्सली रायपुर संभाग के गरियाबंद जिले में मुठभेड़ में ढेर हुए।
दुर्ग संभाग के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में दो नक्सली मारे गए।
9 सितंबर को गरियाबंद जिले में हुई एक बड़ी मुठभेड़ में प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के केंद्रीय समिति सदस्य मोडेम बालकृष्ण समेत 10 नक्सली मारे गए थे, जो राज्य में सुरक्षा बलों की मजबूती का परिचायक है।
नक्सली समस्या पर नियंत्रण के लिए सतत प्रयास
अबूझमाड़ और नारायणपुर क्षेत्र को छत्तीसगढ़ का नक्सल प्रभावित ‘हॉटस्पॉट’ माना जाता है। सुरक्षाबलों ने इन इलाकों में नक्सलियों को खत्म करने के लिए लगातार ऑपरेशन तेज कर दिए हैं।
पुलिस अधीक्षक रोबिनस गुड़िया ने बताया कि जवानों को अंदरूनी इलाकों में भेजकर नक्सलियों को घेरने का अभियान जारी है। अभी भी सर्च ऑपरेशन जारी है और सुरक्षा बल इलाके को पूरी तरह से साफ करने के लिए हर संभव कदम उठा रहे हैं।
महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा पर हुई इस ताजा मुठभेड़ से नक्सलियों को बड़ा झटका लगा है। सुरक्षाबलों की सक्रियता और समन्वित प्रयासों से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बहाल करने में मदद मिली है। हालांकि अभी भी नक्सली खतरा टला नहीं है, इसलिए सुरक्षा बल सतर्क हैं और क्षेत्र में लगातार अभियान चला रहे हैं।
सरकार और सुरक्षा एजेंसियां नक्सल समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और इस दिशा में लगातार कार्रवाई कर रही हैं। इस मुठभेड़ से यह साफ हो गया है कि छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है।











