Ukraine Russia war: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार, 23 सितंबर को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से मुलाकात के बाद बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि यूक्रेन रूस के कब्जे वाले सभी क्षेत्रों को पुनः हासिल करने की स्थिति में है। उन्होंने यूरोपीय संघ और नाटो के सहयोग से यूक्रेन के मूल स्वरूप में लौटने की उम्मीद जताई।

ट्रंप का यूक्रेन पर भरोसा
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यूक्रेन को आर्थिक सहायता और धैर्य के साथ वही स्थिति बहाल की जा सकती है, जहां से यह युद्ध शुरू हुआ था। उन्होंने कहा कि अगर सभी पक्ष संयम और सही सहयोग करें तो युद्ध खत्म हो सकता है। इस मुलाकात के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या नाटो को अपने हवाई क्षेत्र में घुसने वाले रूसी विमानों को मार गिराना चाहिए, तो ट्रंप ने इसका जवाब स्पष्ट रूप से ‘हां’ दिया। वहीं पुतिन पर भरोसे को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि इस बारे में वे एक महीने के भीतर अपने विचार साझा करेंगे।

रूस को दी कड़ी चेतावनी
ट्रंप ने रूस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि रूस लगभग तीन साल से एक बेकार युद्ध लड़ रहा है, जिसे एक वास्तविक सैन्य शक्ति केवल कुछ हफ्तों में खत्म कर सकती थी। उनका कहना था कि यह युद्ध रूस को कमजोर और खोखला बना रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि रूस की आर्थिक हालत बहुत खराब है, जो युद्ध खत्म होने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।
जेलेंस्की की अमेरिका से मदद की अपील
यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने इस बैठक में अमेरिका से और सहायता की अपील की। उन्होंने कहा कि उनके पास युद्ध के मैदान से सकारात्मक खबरें आ रही हैं और वह चाहते हैं कि पश्चिमी देश रूस पर और कड़े प्रतिबंध लगाएं। जेलेंस्की ने ट्रंप की उस अपील का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने यूरोपीय देशों से रूसी तेल और गैस की खरीद बंद करने को कहा था।
शांति प्रयासों में देरी और कड़े प्रतिबंधों की तैयारी
हालांकि ट्रंप के शुरूआती शांति प्रयास सफल नहीं हो सके। पुतिन और जेलेंस्की को एक साथ लाने की कोशिशें विफल रहीं और इसके बाद मॉस्को ने यूक्रेन पर हमले तेज कर दिए। इस बीच अमेरिका और यूरोप रूस पर और कड़े प्रतिबंध लगाने की योजना बना रहे हैं ताकि उसकी युद्ध मशीन को कमजोर किया जा सके।
ट्रंप का युद्ध पर सार्थक निष्कर्ष
ट्रंप ने महासभा के अपने भाषण में कहा कि यह युद्ध मूल रूप से एक छोटी झड़प होना चाहिए था, लेकिन गलत नेतृत्व की वजह से यह लंबा और विनाशकारी बन गया। उन्होंने चिंता जताई कि अब सवाल यह है कि दोनों पक्षों में कितनी और जानें बेवजह जाएंगी।










