Bilaspur crime: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के कोटा थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। बरद्वार गांव में एक नाबालिग ने 6 साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। मामले का पूरा विवरण जानकारी के अनुसार, आरोपी किशोर अपने नाना के घर आया हुआ था। सोमवार को वह घर के बाहर खेल रही मासूम बच्ची को बहला-फुसला कर नाना के घर के अंदर ले गया। वहां आरोपी ने बच्ची के साथ आपत्तिजनक हरकत की। घटना का खुलासा तब हुआ जब पीड़िता की बड़ी बहन मौके पर पहुंची और आरोपी को मासूम के साथ संदिग्ध स्थिति में देख लिया। बहन ने तुरंत घटना की जानकारी परिजनों को दी। परिजन पुलिस के पास पहुंचे और कोटा थाना में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस की कार्रवाई सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की तफ्तीश शुरू की। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नाबालिग आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट (Protection of Children from Sexual Offences Act) के तहत केस दर्ज किया गया है। आरोपी को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की जा रही है। इसके साथ ही पीड़िता की मेडिकल जांच भी करवाई गई है। पुलिस ने बताया कि पीड़िता को मानसिक आघात से उबरने के लिए काउंसलिंग भी उपलब्ध कराई जा रही है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि बच्ची को पूरी सुरक्षा और सहायता मिले। स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया बरद्वार गांव और आसपास के इलाके में इस घटना ने भय और आक्रोश फैलाया है। स्थानीय लोग आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वे चाहते हैं कि दोषियों को कठोर सजा मिले ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। बच्चों की सुरक्षा के लिए जागरूकता जरूरी यह घटना बच्चों की सुरक्षा की गंभीरता को दर्शाती है। समाज और अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहें। बच्चों को ऐसे खतरे से बचाने के लिए उन्हें सही जानकारी और सुरक्षा के तरीके सिखाए जाएं। किसी भी संदिग्ध घटना या किसी भी प्रकार के यौन उत्पीड़न की सूचना तुरंत पुलिस को दी जानी चाहिए। पॉक्सो एक्ट के तहत सख्त सजा का प्रावधान पॉक्सो एक्ट बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों को रोकने के लिए बनाया गया विशेष कानून है। इसके तहत दोषी को कठोर सजा दी जाती है। यह कानून बच्चों के लिए सुरक्षा कवच का काम करता है और अपराधियों को कानून के दायरे में लाता है। बिलासपुर के कोटा थाना क्षेत्र में हुई यह दुष्कर्म की घटना न केवल पीड़िता के परिवार के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए चिंता का विषय है। पुलिस द्वारा की गई त्वरित गिरफ्तारी और चिकित्सा-सहायता सकारात्मक कदम हैं। आवश्यक है कि ऐसे मामलों में समाज, प्रशासन और कानून मिलकर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करें और दोषियों को सजा दिलाएं। Read More: Bihar elections 2025: बिहार चुनाव से पहले राहुल गांधी का बड़ा ऐलान, 50% आरक्षण की सीमा हटाएंगे, बनाएंगे रेगुलेशन अथॉरिटी
















