Ladakh Violence: लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर बुधवार को हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद जलवायु कार्यकर्ता और लद्दाख आंदोलन के प्रमुख सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि उन्हें बलि का बकरा बनाने की कोशिश की जा रही है और अगर उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा गया तो यह सरकार के लिए और ज्यादा समस्याएं पैदा करेगा।

लद्दाख में प्रदर्शन और हिंसा
गुरुवार को गृह मंत्रालय ने लद्दाख के लेह में हुए हिंसक प्रदर्शन को लेकर सोनम वांगचुक और अन्य नेताओं को जिम्मेदार ठहराया था। प्रदर्शन में भीड़ ने CRPF की गाड़ियों, पुलिस वैन सहित कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया था। इस हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई और 80 से अधिक लोग घायल हुए, जिनमें 40 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।

सोनम वांगचुक ने किया कड़ा बयान
सोनम वांगचुक ने बुधवार की हिंसा को लेकर जारी गृह मंत्रालय के बयान का जवाब देते हुए कहा कि यह सरकार की चाल है, जिसमें वे उन्हें कड़े पब्लिक सेफ्टी एक्ट (PSA) के तहत गिरफ्तार करना चाहते हैं। उन्होंने कहा “मैं गिरफ्तारी के लिए तैयार हूं, लेकिन मुझे जेल भेजने से सरकार की मुश्किलें और बढ़ेंगी। यह हिंसा मेरे या कांग्रेस की ओर से भड़काई गई थी, यह कहना समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि बलि का बकरा ढूंढ़ने जैसा है।”
बलि का बकरा बनाने की कोशिश
वांगचुक ने कहा “सरकार चालाकी दिखा सकती है, लेकिन बुद्धिमान नहीं है। आज हमें चतुराई नहीं, बल्कि बुद्धिमत्ता की जरूरत है क्योंकि युवाओं में पहले से ही निराशा व्याप्त है।” उन्होंने लद्दाख क्षेत्र की बेरोजगारी, अधूरे वादों और सामाजिक-आर्थिक हताशा को हिंसा की असली वजह बताया।
लद्दाख की मांगें और सरकार की उदासीनता
सोनम वांगचुक ने कहा कि लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा, आदिवासी दर्जा, पर्यावरण की सुरक्षा और छठी अनुसूची के विस्तार की मांगों को लेकर पिछले पांच वर्षों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन किया जा रहा है। लेकिन सरकार इन मांगों की अनदेखी कर रही है।उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह जनता को नौकरी में आरक्षण की सफलता का भ्रम देकर गुमराह कर रही है, जबकि वास्तविक मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।
केंद्र सरकार पर हमला
सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार की नीति को शांति की दिशा में बाधक बताया और कहा,”बलि का बकरा बनाकर सरकार समस्या का समाधान नहीं कर रही, बल्कि लोगों की मांगों से ध्यान भटका कर हालात बिगाड़ रही है।”गृह मंत्रालय ने आरोप लगाया है कि वांगचुक और कुछ राजनीतिक तत्व सरकार और स्थानीय प्रतिनिधियों के बीच बातचीत को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं। वहीं वांगचुक ने इसे नकारते हुए युवाओं की पीड़ा और बेरोजगारी को हिंसा का कारण बताया।
लद्दाख में राज्य का दर्जा दिलाने की मांग ने हिंसक रूप ले लिया है, लेकिन जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की प्रतिक्रिया से साफ है कि वे शांति के पक्ष में हैं और सरकार को सुझाव देते हैं कि वे समस्या के वास्तविक कारणों पर ध्यान दें, न कि कुछ व्यक्तियों को बलि का बकरा बनाकर स्थिति को और तनावपूर्ण बनाएं। लद्दाख की समस्याओं का समाधान संवाद और समझदारी से ही संभव है।











