Jain Maitri Mahotsav: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्य में जैन समाज द्वारा आयोजित मैत्री महोत्सव के अवसर पर इस समाज की प्रशंसा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जैन समाज एक परोपकारी और सामाजिक रूप से समर्पित समुदाय है, जिसने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर समाज के लिए मिसाल कायम की है। इस महोत्सव में उन्हें विशेष तौर पर आमंत्रित किया गया, जहां उन्होंने जैन समाज के योगदान और सामाजिक एकता पर जोर दिया।

जैन समाज की भूमिका और परोपकार
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, “जैन समाज न केवल अपनी धार्मिक आस्थाओं के लिए जाना जाता है, बल्कि यह समाज परोपकार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और सामाजिक विकास में भी अग्रणी भूमिका निभाता रहा है। इस समाज के लोग सदैव मानवता की सेवा में तत्पर रहते हैं।” उन्होंने जैन समाज के द्वारा छत्तीसगढ़ के विकास में योगदान को भी सराहा।

मैत्री महोत्सव का महत्व
इस मैत्री महोत्सव का आयोजन सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक मेलजोल को बढ़ावा देने के लिए किया गया था। इस आयोजन में विभिन्न जाति, धर्म और समुदायों के लोग एक साथ आए, जिससे सामाजिक एकता और भाईचारे की भावना मजबूत हुई। मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम को एक महत्वपूर्ण प्रयास बताया जो समाज में प्रेम और सौहार्द को बढ़ावा देता है।
छत्तीसगढ़ में सामाजिक एकता का संदेश
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, “हमारा राज्य विभिन्न धर्मों और समुदायों का संगम है। ऐसे आयोजनों से हम सभी में एक-दूसरे के प्रति सम्मान और सहयोग की भावना जागृत होती है। यह महोत्सव हमें यह भी याद दिलाता है कि सामाजिक एकता और सौहार्द हमारे विकास की नींव हैं।”
जैन समाज के सामाजिक कार्यों की चर्चा
विष्णुदेव साय ने बताया कि जैन समाज ने शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कई सामाजिक परियोजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने कहा, “इस समाज ने अनेक अस्पताल, शिक्षा संस्थान, और पर्यावरण संरक्षण के लिए पहल की है, जो न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणादायक हैं।”

मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आयोजन समिति और जैन समाज के सभी सदस्यों को धन्यवाद दिया। उन्होंने आशा जताई कि इस प्रकार के आयोजन और गतिविधियां आगे भी निरंतर होंगी, जिससे समाज में मैत्री और सद्भाव की भावना बनी रहे।











