राजस्थान रॉयल्स (Rajasthan Royals) ने IPL 2026 से पहले अपने कोचिंग स्टाफ में बड़े बदलाव करने शुरू कर दिए हैं। राहुल द्रविड़ के मुख्य कोच पद से हटने के बाद अब फ्रेंचाइज़ी ने दो और कोचों—स्पिन गेंदबाज़ी कोच सैराज बहुटुले और फील्डिंग कोच दिशांत याग्निक—को बाहर का रास्ता दिखा दिया है।

द्रविड़ के बाद सैराज और याग्निक भी बाहर
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये दोनों कोच टीम की अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर सके। यही कारण है कि राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें कोचिंग स्टाफ से हटाने का फैसला किया।सैराज बहुटुले को पिछले सीजन में राहुल द्रविड़ के साथ जोड़ा गया था। इससे पहले वह 2018 में भी राजस्थान के साथ थे, लेकिन उस समय भी टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था।

दूसरी ओर, दिशांत याग्निक लंबे समय से राजस्थान रॉयल्स के साथ जुड़े हुए थे। वह 2010 से टीम का हिस्सा रहे हैं और हाल ही में एक सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने अपने इस्तीफे के संकेत भी दिए थे। हालांकि, बाद में यह स्पष्ट हुआ कि उन्हें पद से हटा दिया गया है।
संभावित नए कोच और रणनीतिक बदलाव
सूत्रों के अनुसार, पूर्व जिम्बाब्वे क्रिकेटर ट्रेवर पेनी (Trevor Penney) को राजस्थान रॉयल्स के कोचिंग स्टाफ में शामिल किया जा सकता है। ट्रेवर पेनी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कोचिंग का लंबा अनुभव है और वह कई फ्रेंचाइज़ियों और राष्ट्रीय टीमों के साथ काम कर चुके हैं।इसके अलावा खबर यह भी है कि कुमार संगकारा, जो वर्तमान में टीम के डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट हैं, IPL 2026 में हेड कोच की भूमिका में वापसी कर सकते हैं। संगकारा की क्रिकेट समझ और रणनीतिक सोच का राजस्थान रॉयल्स को भरपूर लाभ मिल सकता है।
संजू सैमसन का भविष्य भी अधर में
इन सब के बीच, कप्तान संजू सैमसन को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। यह बताया जा रहा है कि फ्रेंचाइज़ी उन्हें भी टीम से बाहर करने का विचार कर रही है। हालांकि, इस पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
विक्रम राठौड़ और शेन बॉन्ड बने रहेंगे
जहां एक ओर कई कोचों को हटाया गया है, वहीं बैटिंग कोच विक्रम राठौड़ और बॉलिंग कोच शेन बॉन्ड को अभी उनके पदों पर बनाए रखने का फैसला लिया गया है। माना जा रहा है कि फ्रेंचाइज़ी उनके काम से संतुष्ट है और उन्हें आगामी सीजन के लिए टीम के साथ बनाए रखा जाएगा।राजस्थान रॉयल्स का यह कदम स्पष्ट करता है कि टीम IPL 2026 में नया अध्याय शुरू करने के लिए गंभीर है। कोचिंग स्टाफ में बदलाव से लेकर कप्तानी तक की समीक्षा हो रही है। अब देखना होगा कि ये रणनीतिक बदलाव मैदान पर क्या असर डालते हैं।











