Bihar Politics: बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राजद के वरिष्ठ नेता तेजस्वी यादव ने सरकार पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि जब उनकी सरकार थी, तब 65% आरक्षण को बढ़ाया गया था, लेकिन भाजपा की सरकार आने के बाद उस आरक्षण को खत्म करवा दिया गया। तेजस्वी यादव ने भाजपा को ‘आरक्षण चोर पार्टी’ करार देते हुए इसे सामाजिक अन्याय का प्रतीक बताया। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी जमकर हमला बोला।

65% आरक्षण पर तेजस्वी यादव का आरोप
तेजस्वी यादव ने विधानसभा में कहा कि पिछले 17 महीनों में उनकी सरकार ने बिहार में आरक्षण को बढ़ाने का साहस दिखाया था। लेकिन भाजपा के सत्ता में आने के बाद इस आरक्षण को समाप्त करवा दिया गया। उनका कहना था, “यह भाजपा आरक्षण चोर पार्टी है जो दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यकों के अधिकारों को लगातार कुचला रही है।” उन्होंने भाजपा की इस नीति को बिहार के सामाजिक ताने-बाने के लिए खतरा बताया।

नीतीश कुमार पर तीखा कटाक्ष
तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राजनीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की स्थिति अब ठीक नहीं है और उन्होंने कई बार पलटी मारी है, जिससे उनकी राजनीतिक स्थिरता पर सवाल उठता है। तेजस्वी ने कहा, “नीतीश कुमार अब केवल दिल्ली की कठपुतली बन गए हैं, जो बिहार सरकार नहीं चला रहे बल्कि दिल्ली से चल रही है। इससे बिहार के हितों को भारी नुकसान पहुंच रहा है।”
दिल्ली सरकार की भूमिका पर सवाल
तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार की बिहार के मामलों में बढ़ती दखलंदाजी को लेकर चिंता व्यक्त की। उनका मानना है कि बिहार सरकार के फैसले अब केंद्र के इशारों पर निर्भर हैं। उन्होंने कहा, “जब एक राज्य सरकार अपनी नीतियां खुद तय नहीं कर पाती, तो उसका नुकसान केवल राज्य के लोगों को होता है। बिहार को केंद्र की कठपुतली बनने से बचाना होगा।”
राजनीतिक संदर्भ और प्रभाव
तेजस्वी यादव की यह टिप्पणी बिहार की मौजूदा राजनीतिक स्थिति की गंभीर समीक्षा प्रस्तुत करती है। बिहार में आरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दे पर भाजपा और राजद के बीच जारी संघर्ष ने राजनीतिक तापमान को और बढ़ा दिया है। बिहार के सामाजिक न्याय और विकास के लिए आरक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए यह विवाद भविष्य में और तीव्र होने की संभावना है।
तेजस्वी यादव ने भाजपा सरकार पर आरक्षण खत्म करने और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर दिल्ली की कठपुतली बनने का आरोप लगाते हुए बिहार की जनता से सावधान रहने की अपील की है। उनका कहना है कि बिहार के विकास और सामाजिक न्याय के लिए सच्ची नीतियों की जरूरत है, न कि केवल राजनीतिक गठजोड़ और सत्ता की राजनीति।











