Bihar assembly election 2025: बिहार में विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने स्पष्ट किया है कि बिहार विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर तक है और चुनाव उसी समय सीमा से पहले संपन्न कराए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार की तरह पूरे देश में जल्द ही SIR (सिस्टमेटिक इलेक्शन रिव्यू) का आयोजन किया जाएगा। चुनाव आयोग की नई पहलें बिहार चुनाव में लागू मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि इस चुनाव में चुनाव आयोग द्वारा शुरू की गई कई नई तकनीकी और प्रबंधन संबंधी पहलें लागू की जाएंगी, जिन्हें भविष्य में पूरे देश में भी लागू किया जाएगा। बिहार में कुल 243 विधानसभा सीटें हैं, जिनके लिए चुनाव समय पर संपन्न किए जाएंगे। चुनाव आयोग की टीम दो दिनों से बिहार में सक्रिय है और पटना में राजनीतिक दलों, प्रशासनिक अधिकारियों, चुनाव अधिकारियों, पुलिस बल और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के नोडल अधिकारियों के साथ बैठक कर चुनाव की पूरी तैयारी सुनिश्चित कर रही है। मतदाता संख्या सीमित, मतदान प्रक्रिया और सुरक्षा में सुधार चुनाव आयोग ने यह भी जानकारी दी कि अब किसी भी पोलिंग बूथ पर 1200 से अधिक मतदाता नहीं होंगे। इस व्यवस्था से मतदान प्रक्रिया और सुरक्षा दोनों बेहतर होंगी। इसके अलावा, Booth Level Officer (BLO) सीधे मतदाताओं से संपर्क करेंगे और उनकी पहचान के लिए उन्हें ID कार्ड भी प्रदान किए गए हैं। मतदाताओं के लिए मोबाइल जमा कर वोट देने की सुविधा भी शुरू की गई है, जिससे वे अपने मोबाइल पोलिंग बूथ पर लेकर नहीं जाएंगे और मतदान प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहेगी। 100% वेबकास्टिंग के साथ डिजिटल निगरानी चुनाव आयोग ने बिहार में वन-स्टॉप डिजिटल प्लेटफॉर्म लागू करने की योजना बनाई है। मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि अब प्रत्येक प्रत्याशी अपने एजेंट को बूथ से 100 मीटर की दूरी तक तैनात कर सकेगा। साथ ही सभी पोलिंग स्टेशनों पर 100% वेबकास्टिंग की जाएगी, जिससे मतदान प्रक्रिया की हर गतिविधि पर नजर रखी जा सकेगी और कोई भी गड़बड़ी नहीं हो पाएगी। EVM में नया बदलाव: रंगीन बैलेट पेपर चुनाव आयोग ने EVM के साथ उपयोग होने वाले बैलेट पेपर में भी बदलाव किया है। अब ब्लैक एंड व्हाइट बैलेट पेपर की जगह रंगीन फोटो और सीरियल नंबर वाले बैलेट पेपर होंगे। इससे प्रत्याशियों की पहचान और वोटिंग प्रक्रिया दोनों ही अधिक पारदर्शी और सरल बनेंगी। यह बदलाव मतदान के दौरान भ्रांतियों को कम करेगा और मतदाताओं को सही उम्मीदवार को वोट देने में सहायता करेगा। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए चुनाव आयोग ने आधुनिक तकनीकों और कड़े सुरक्षा उपायों के साथ व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। 22 नवंबर से पहले चुनाव संपन्न कराने का लक्ष्य रखा गया है। आयोग की ये पहलें न केवल बिहार बल्कि भविष्य में पूरे देश के चुनावों के लिए मील का पत्थर साबित होंगी। बिहार के राजनीतिक दल भी चुनावी सरगर्मियों में जुटे हुए हैं और चुनावी माहौल तेज होता जा रहा है। Read More : West Bengal flood update:पश्चिम बंगाल के घाटल में बढ़ता जलस्तर, बाढ़ से प्रभावित किसानों व स्थानीय जनता की चिंता














