Bihar Election 2025 : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तारीखों की घोषणा के साथ ही सूबे की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक दलों के साथ-साथ नए विकल्प के तौर पर उभर रही जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भी बड़ा बयान देते हुए साफ कहा कि “बिहार में इस बार बदलाव के लिए वोट पड़ेंगे।”

प्रशांत किशोर, जो राजनीति के चाणक्य माने जाते हैं, अब खुद जनता के बीच एक नेता के तौर पर सक्रिय हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार में केवल सरकार नहीं, सोच बदलने की जरूरत है। उनके अनुसार,”हम यहां जिस सपने को लेकर आए हैं, वह यह है कि आने वाले 10 वर्षों में बिहार को देश के शीर्ष 10 राज्यों में शामिल किया जाए। इस लक्ष्य की शुरुआत अब होने जा रही है।”

बिहार के लिए बड़ा सपना
प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार के लोग अब विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे मुद्दों पर वोट करेंगे।“जनता ने मन बना लिया है कि इस बार अच्छा आदमी ही जीतना चाहिए। ये चुनाव परंपरागत नेताओं को जवाब देने का अवसर है।”उन्होंने आगे कहा कि चुनाव केवल सत्ता बदलने का जरिया नहीं, बल्कि नई सोच और नए नेतृत्व को लाने का माध्यम बनना चाहिए।
जन सुराज का संकल्प
प्रशांत किशोर की पार्टी “जन सुराज” पिछले कुछ वर्षों से बिहार के गांव-गांव में जाकर आम लोगों से संवाद कर रही है। उन्होंने कहा कि बिहार की असली ताकत यहां के युवा, किसान और मेहनतकश लोग हैं।“अगर हमें बिहार को बदलना है, तो नेतृत्व भी बदलना होगा। जन सुराज का प्रयास एक नया मॉडल देने का है जो भ्रष्टाचार, जातिवाद और वंशवाद से मुक्त हो।”
क्या है जन सुराज का विजन?
प्रशांत किशोर ने बार-बार यह कहा है कि जन सुराज केवल एक राजनीतिक दल नहीं बल्कि जन आंदोलन है। इसका मकसद नीति-निर्माण में जनता की भागीदारी सुनिश्चित करना है। उनकी योजना है कि पंचायत स्तर से लेकर विधानसभा तक नीतिगत पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत किया जाए।बिहार चुनाव 2025 में जहां एक ओर महागठबंधन और एनडीए आमने-सामने हैं, वहीं प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी तीसरे विकल्प के रूप में तेजी से उभर रही है। उनके बयानों से यह स्पष्ट है कि वे खुद को “परिवर्तन के प्रतीक” के रूप में पेश कर रहे हैं।अब देखना होगा कि क्या बिहार की जनता वास्तव में इस परिवर्तन की ओर कदम बढ़ाती है या एक बार फिर परंपरागत दलों पर भरोसा जताती है।











