Prithvi Shaw Dismissal Viral Video: टीम इंडिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज पृथ्वी शॉ एक बार फिर विवादों में हैं। रणजी ट्रॉफी 2025-26 से पहले खेले जा रहे एक अभ्यास मैच में शॉ ने गुस्से में अपना आपा खो दिया और गेंदबाज मुशीर खान को बल्ला लेकर मारने दौड़ पड़े। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया है।

शानदार पारी के बाद गुस्से का तूफान
महाराष्ट्र और मुंबई के बीच चल रहे इस अभ्यास मैच में पृथ्वी शॉ ने 219 गेंदों में 181 रनों की पारी खेली। उन्होंने 140 गेंदों में शतक पूरा किया और डबल सेंचुरी की ओर बढ़ रहे थे। लेकिन तभी मुंबई के युवा गेंदबाज और सरफराज खान के भाई मुशीर खान की गेंद पर कैच आउट हो गए।आउट होने के बाद शॉ का गुस्सा बेकाबू हो गया। पवेलियन लौटते समय उनकी मुशीर खान से तीखी बहस हुई जो देखते ही देखते हाथापाई तक पहुंच गई। पृथ्वी ने बल्ला उठाकर मुशीर की ओर मारने की कोशिश की, जिसे अंपायर और खिलाड़ियों ने तुरंत बीच-बचाव कर रोका।

मैदान पर खेल भावना को झटका
यह घटना भारतीय क्रिकेट के लिए शर्मनाक मानी जा रही है। अभ्यास मैचों का उद्देश्य जहां खिलाड़ियों को फॉर्म में लौटने और संयम बनाए रखने का मौका देना होता है, वहीं शॉ की यह हरकत क्रिकेट की “जेंटलमैन गेम” की भावना के खिलाफ रही। अंपायरों और टीम मैनेजमेंट ने तुरंत हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाला, लेकिन वीडियो के वायरल होते ही मामला सुर्खियों में आ गया।
We got Prithvi Shaw vs Mumbai before GTA VI
He had an argument with Musheer Khan after being dismissed for 181(220) in the warmup match between Maharashtra vs Mumbai before Ranji Trophy 2025-26.#PrithviShaw #Mumbai #Maharashtra #Cricket pic.twitter.com/OXeFOSHx9P— Abhijeet (@alsoabhijeet) October 7, 2025
पहले भी विवादों में रहे हैं शॉ
पृथ्वी शॉ का करियर लगातार उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। 2018 में टेस्ट क्रिकेट में धमाकेदार डेब्यू करने वाले शॉ को कई बार अनुशासनहीनता, फिटनेस और फॉर्म को लेकर आलोचना झेलनी पड़ी है। इससे पहले भी वे नाइट क्लब विवाद, ट्रैफिक बवाल और डोपिंग केस जैसी घटनाओं में घिर चुके हैं।
BCCI और टीम मैनेजमेंट की प्रतिक्रिया का इंतजार
अब देखना होगा कि बीसीसीआई (BCCI) और महाराष्ट्र क्रिकेट संघ इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं। ऐसी घटनाएं घरेलू क्रिकेट की साख पर सवाल खड़े करती हैं और युवा खिलाड़ियों के लिए गलत उदाहरण बन सकती हैं। जहां एक ओर पृथ्वी शॉ जैसी प्रतिभा को भारतीय क्रिकेट में वापसी के लिए मेहनत और धैर्य की जरूरत है, वहीं मैदान पर इस तरह का व्यवहार उनकी छवि को और नुकसान पहुंचा सकता है। उम्मीद है कि बोर्ड और कोचिंग स्टाफ इस घटना को गंभीरता से लेते हुए उचित अनुशासनात्मक कदम उठाएंगे।
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