Dhirendra Shastri: छतरपुर के बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र शास्त्री ने दिवाली पर पटाखों को लेकर चर्चा में स्पष्ट कहा है कि इस विषय पर किसी को ज्ञान नहीं देना चाहिए। उन्होंने कहा, “हम न बकरीद पर ज्ञान देते हैं, न ताजिए पर। इसलिए हमें भी पटाखों पर ज्ञान न पेलें। यह हमारी परंपरा है और हम इसे निभाएंगे।”
यह बयान उन्होंने मुंबई के सिद्धि विनायक गणेश मंदिर में मीडिया से बातचीत के दौरान दिया। उनसे दिवाली के त्योहार पर पटाखों से प्रदूषण और कई बॉलीवुड अभिनेताओं द्वारा पटाखे न फोड़ने की अपील के सवाल पर प्रतिक्रिया मांगी गई थी।
केवल हिंदू त्योहारों पर क्यों उठता है मुद्दा?
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि प्रदूषण एक गंभीर समस्या है, लेकिन यह सवाल केवल हिंदू त्योहारों के दौरान ही क्यों उठता है? उन्होंने सभी धर्मों के त्योहारों को समान दृष्टि से देखने की जरूरत पर जोर दिया। उनका मानना है कि त्योहारों का असली मकसद खुशी, शांति और भाईचारे को बढ़ावा देना होता है। इसलिए किसी भी धर्म के पर्व को लेकर अतिरेक से बचना चाहिए और एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।
‘आई लव मुहम्मद’ पर शास्त्री का जवाब
धीरेंद्र शास्त्री ने ‘आई लव मुहम्मद’ के बयान पर भी अपनी राय दी। उन्होंने कहा कि अगर कोई ‘आई लव मुहम्मद’ बोलता है तो इसमें कोई बुराई नहीं है, ठीक वैसे ही जैसे कोई ‘आई लव महादेव’ कहता है। हर व्यक्ति को अपने धर्म से प्रेम करने का अधिकार है और इसका सम्मान किया जाना चाहिए। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि ‘सिर तन से जुदा’ जैसे नफरत फैलाने वाले नारे हिंदू समाज या भारत के कानून द्वारा बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। ऐसे किसी भी उकसावे या हिंसा को सरकार कड़ी कार्रवाई के तहत रोकती है।
पटाखों पर विवाद क्यों?
हर साल दिवाली के अवसर पर पटाखों को लेकर प्रदूषण का मुद्दा गर्माता है। कई शहरों में प्रदूषण स्तर बढ़ जाता है, जिससे पर्यावरण और स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसके चलते कई सेलेब्रिटीज़ और पर्यावरण प्रेमी लोगों ने पटाखे न जलाने की अपील की है। इसके जवाब में कई धार्मिक और सांस्कृतिक संगठनों ने इसे परंपरा का हिस्सा बताया और इसे जारी रखने की बात कही।
धर्म, परंपरा और सम्मान
धीरेंद्र शास्त्री का संदेश साफ है कि हर धर्म और उसकी परंपराओं का सम्मान जरूरी है। किसी भी धार्मिक त्योहार को लेकर विवाद या ज्ञान देना सही नहीं। सभी धर्मों के पर्वों को समानता और सहिष्णुता के नजरिए से देखना चाहिए। यही भारत की असली संस्कृति और भाईचारे की पहचान है। पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र शास्त्री ने पटाखों पर ज्ञान देने से परहेज करने और सभी धर्मों के त्योहारों का समान सम्मान करने की अपील की है। उनका मानना है कि त्योहारों का उद्देश्य समाज में शांति और भाईचारा बढ़ाना है, न कि विवाद। साथ ही, उन्होंने धार्मिक प्रेम और सहिष्णुता को बनाए रखने का भी समर्थन किया।
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पटाखों को लेकर Dhirendra Shastri का विवादित बयान, बोले- यह हमारी परंपरा है
Dhirendra Shastri: छतरपुर के बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र शास्त्री ने दिवाली पर पटाखों को लेकर चर्चा में स्पष्ट कहा है कि इस विषय पर किसी को ज्ञान नहीं देना चाहिए। उन्होंने कहा, “हम न बकरीद पर ज्ञान देते हैं, न ताजिए पर। इसलिए हमें भी पटाखों पर ज्ञान न पेलें। यह हमारी परंपरा है और हम इसे निभाएंगे।”
यह बयान उन्होंने मुंबई के सिद्धि विनायक गणेश मंदिर में मीडिया से बातचीत के दौरान दिया। उनसे दिवाली के त्योहार पर पटाखों से प्रदूषण और कई बॉलीवुड अभिनेताओं द्वारा पटाखे न फोड़ने की अपील के सवाल पर प्रतिक्रिया मांगी गई थी।
केवल हिंदू त्योहारों पर क्यों उठता है मुद्दा?
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि प्रदूषण एक गंभीर समस्या है, लेकिन यह सवाल केवल हिंदू त्योहारों के दौरान ही क्यों उठता है? उन्होंने सभी धर्मों के त्योहारों को समान दृष्टि से देखने की जरूरत पर जोर दिया। उनका मानना है कि त्योहारों का असली मकसद खुशी, शांति और भाईचारे को बढ़ावा देना होता है। इसलिए किसी भी धर्म के पर्व को लेकर अतिरेक से बचना चाहिए और एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।
‘आई लव मुहम्मद’ पर शास्त्री का जवाब
धीरेंद्र शास्त्री ने ‘आई लव मुहम्मद’ के बयान पर भी अपनी राय दी। उन्होंने कहा कि अगर कोई ‘आई लव मुहम्मद’ बोलता है तो इसमें कोई बुराई नहीं है, ठीक वैसे ही जैसे कोई ‘आई लव महादेव’ कहता है। हर व्यक्ति को अपने धर्म से प्रेम करने का अधिकार है और इसका सम्मान किया जाना चाहिए। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि ‘सिर तन से जुदा’ जैसे नफरत फैलाने वाले नारे हिंदू समाज या भारत के कानून द्वारा बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। ऐसे किसी भी उकसावे या हिंसा को सरकार कड़ी कार्रवाई के तहत रोकती है।
पटाखों पर विवाद क्यों?
हर साल दिवाली के अवसर पर पटाखों को लेकर प्रदूषण का मुद्दा गर्माता है। कई शहरों में प्रदूषण स्तर बढ़ जाता है, जिससे पर्यावरण और स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसके चलते कई सेलेब्रिटीज़ और पर्यावरण प्रेमी लोगों ने पटाखे न जलाने की अपील की है। इसके जवाब में कई धार्मिक और सांस्कृतिक संगठनों ने इसे परंपरा का हिस्सा बताया और इसे जारी रखने की बात कही।
धर्म, परंपरा और सम्मान
धीरेंद्र शास्त्री का संदेश साफ है कि हर धर्म और उसकी परंपराओं का सम्मान जरूरी है। किसी भी धार्मिक त्योहार को लेकर विवाद या ज्ञान देना सही नहीं। सभी धर्मों के पर्वों को समानता और सहिष्णुता के नजरिए से देखना चाहिए। यही भारत की असली संस्कृति और भाईचारे की पहचान है। पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र शास्त्री ने पटाखों पर ज्ञान देने से परहेज करने और सभी धर्मों के त्योहारों का समान सम्मान करने की अपील की है। उनका मानना है कि त्योहारों का उद्देश्य समाज में शांति और भाईचारा बढ़ाना है, न कि विवाद। साथ ही, उन्होंने धार्मिक प्रेम और सहिष्णुता को बनाए रखने का भी समर्थन किया।
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