US China Trade War: अमेरिका और चीन के बीच आर्थिक टकराव एक बार फिर तेज हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा चीन के उत्पादों पर 100% टैरिफ लगाने के ऐलान के बाद चीन ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। चीन के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह अमेरिकी प्रतिबंधों और टैरिफ को खारिज करता है और अपने हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा।

चीन का सख्त संदेश: बातचीत हो, दबाव नहीं
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने अपने आधिकारिक X (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट से पोस्ट कर ट्रंप प्रशासन को स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा, “हाई टैरिफ लगाकर चीन को दबाने की कोशिश ठीक नहीं है। अमेरिका को बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए। चीन अपने अधिकारों और हितों की रक्षा करना जानता है और किसी भी दबाव से डरता नहीं।”

चीन ने ट्रंप की टैरिफ नीति को ‘अवैध’ करार देते हुए कहा कि यदि अमेरिका एकतरफा कार्रवाई करता है, तो चीन भी माकूल जवाब देने के लिए तैयार है। हालांकि, चीन ने फिलहाल कोई जवाबी टैरिफ नहीं लगाया है, जिससे यह संकेत मिल रहा है कि वह APEC शिखर सम्मेलन (दक्षिण कोरिया) में ट्रंप-शी जिनपिंग की मुलाकात के लिए द्वार खुला रखना चाहता है।
रेयर अर्थ एलिमेंट्स पर अमेरिका की चिंता
विवाद की बड़ी वजह बने हैं रेयर अर्थ एलिमेंट्स (REE), जिनमें स्कैंडियम, यट्रियम और लैंथेनाइड्स जैसे 17 रासायनिक तत्व शामिल हैं। ये तत्व इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, स्मार्टफोन्स, सोलर पैनल्स और रक्षा उपकरणों में अहम भूमिका निभाते हैं। चीन का इन एलिमेंट्स के उत्पादन पर 70% और रिफाइनिंग पर 90% कंट्रोल है।
9 अक्टूबर को चीन ने इन एलिमेंट्स के निर्यात के लिए विदेशी कंपनियों को लाइसेंस अनिवार्य कर दिया। जवाब में, 11 अक्टूबर को ट्रंप ने चीन के सभी उत्पादों पर 100% टैरिफ लगाने की घोषणा की, जो 1 नवंबर से लागू होगा। इसके साथ ही ट्रंप प्रशासन ने चीन के छात्रों के वीजा रद्द करने और सॉफ्टवेयर आयात पर नियंत्रण के संकेत भी दिए।
ट्रंप का रुख नरम लेकिन सख्त इरादा बरकरार
ट्रंप ने अपने ‘ट्रुथ सोशल’ पोस्ट में शी जिनपिंग को “सम्मानित राष्ट्रपति” बताया और कहा कि अमेरिका चीन को नुकसान नहीं, बल्कि मदद करना चाहता है। उन्होंने लिखा, “चीन की चिंता न करें, सब कुछ ठीक हो जाएगा। लेकिन हम मंदी नहीं चाहते और न ही वह (जिनपिंग) अपने देश को मंदी में धकेलना चाहेंगे।”
टैरिफ युद्ध का नया अध्याय
अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध एक नए मोड़ पर पहुंच चुका है। ट्रंप के आक्रामक रुख और चीन के संयमित लेकिन दृढ़ जवाब ने यह दिखा दिया है कि आने वाले दिनों में वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं और बाजारों पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है। अब निगाहें नवंबर में होने वाले APEC सम्मेलन पर हैं, जहां इस टकराव का कोई समाधान निकल सकता है।
Read More : Gaza Ceasefire: गाजा युद्धविराम समझौता: तेल की कीमतों में 15% तक गिरावट संभव, भारत को बड़ी राहत











