Trump India Pakistan Claim: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर नोबेल शांति पुरस्कार न मिलने को लेकर अपनी निराशा जाहिर की है। ट्रंप ने दावा किया है कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान दुनिया में आठ युद्धों को रुकवाया, लेकिन फिर भी उन्हें इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए नजरअंदाज कर दिया गया। नोबेल पुरस्कार को लेकर लंबे समय से उत्सुक ट्रंप ने एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने में अपनी भूमिका का जिक्र किया। ‘एनडीटीवी’ की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने टैरिफ (शुल्क) का नाम लेकर कई युद्ध टाले हैं। भारत-पाकिस्तान तनाव पर ट्रंप का दावा ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच “बहुत जोरदार मुकाबला चल रहा था और सात विमान नष्ट हो गए थे।” इस स्थिति को शांत करने के लिए उन्होंने अपनी कूटनीतिक चाल का खुलासा किया। ट्रंप ने कहा, “मैंने कहा कि जब तक आप युद्ध नहीं रोकेंगे, हम आपके सामान पर 200 प्रतिशत टैरिफ लगा देंगे। मैंने दोनों नेताओं से बात की। मैं दोनों को पसंद करता हूं। और अगले दिन मुझे कहा गया कि उन्होंने तनाव कम करने का फैसला कर लिया।” यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने यह दावा किया है। उन्होंने पहले भी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र करते हुए कहा था कि उनकी वजह से भारत और पाकिस्तान तनाव खत्म करने पर सहमत हुए थे। ‘आठ महीनों में आठ युद्ध रोके’ नोबेल पुरस्कार न मिलने पर निराशा व्यक्त करते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्हें युद्ध रोकना पसंद है और वह टकराव को रोकने वाले कदमों के पक्ष में रहते हैं।ट्रंप ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि किसी राष्ट्रपति ने एक भी युद्ध रोका है। मैंने आठ महीनों में आठ युद्ध रोके। क्या मुझे नोबेल पुरस्कार मिला? नहीं… लेकिन मुझे लगता है कि अगला साल बेहतर होगा।”हालांकि, ट्रंप ने यह भी जोड़ा कि उन्हें किस बात की परवाह है, “मैंने शायद सैकड़ों-लाखों लोगों की जान बचाई है।” हमास-इजरायल युद्ध में मध्यस्थता ट्रंप ने हाल ही में इजरायल और हमास के बीच लंबे समय से चल रहे संघर्ष में मध्यस्थता करने का दावा भी किया। उन्होंने कहा कि उनके 20 पॉइंट के शांति प्रस्ताव ने हमास और इजरायल के बीच युद्ध रुकवा दिया, जिसके पहले चरण में बंधकों की रिहाई शामिल थी। ट्रंप लगातार यह साबित करने की कोशिश कर रहे हैं कि उनकी आक्रामक कूटनीति और व्यापारिक दबाव की नीति ने विश्व शांति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिसके लिए वे नोबेल पुरस्कार के हकदार हैं। Read More: Bihar Election 2025: मैथिली ठाकुर को टिकट पर बवाल! विरोध में BJP के स्थानीय नेता, आलाकमान को दी चुनौती














