Main Wapas Aaunga Release Date : हिंदी सिनेमा जगत में मशहूर फिल्म निर्देशक इम्तियाज अली की अनूठी और दिल को छू लेने वाली कहानियों की दीवानगी दर्शकों के सिर चढ़कर बोलती है। साल 2007 में आई उनकी ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘जब वी मेट’ के समय से शुरू हुआ यह जादुई सफर आज भी उसी शिद्दत के साथ जारी है। हाल ही में ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई उनकी फिल्म ‘अमर सिंह चमकीला’ ने सफलता के नए आयाम स्थापित किए थे। इस बायोग्राफिकल ड्रामा के शानदार गानों से लेकर इसकी मर्मस्पर्शी कहानी तक, सब कुछ सीधे लोगों के दिलों में उतर गया था। अब इम्तियाज अली एक बार फिर एक बेहद संवेदनशील और नई कहानी के साथ बड़े पर्दे पर वापस लौट रहे हैं। उनकी यह आगामी फिल्म भारत और पाकिस्तान के बीच हुए साल 1947 के बंटवारे की उस दर्दनाक और खौफनाक दास्तां को बयां करेगी, जिसने लाखों परिवारों को हमेशा के लिए उजाड़ दिया था। इस बहुप्रतीक्षित फिल्म का नाम ‘मैं वापस आऊंगा’ रखा गया है, जो इसी महीने 12 जून को सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए पूरी तरह तैयार है। अटारी बॉर्डर पर सुरों का महासंगम अपनी इस नई फिल्म की भव्य रिलीज से ठीक पहले निर्देशक इम्तियाज अली ने अमृतसर के पास स्थित ऐतिहासिक अटारी-वाघा बॉर्डर का एक विशेष दौरा किया। इस दौरे की सबसे खास बात यह रही कि बीते रोज यानी 6 जून को इम्तियाज अली के साथ भारतीय संगीत जगत के बेताज बादशाह, सुपरस्टार सिंगर और ऑस्कर विजेता कंपोजर ए.आर. रहमान भी वहां मौजूद थे। अटारी बॉर्डर पर देश की आन-बान और शान को देखने आए हजारों लोगों और पर्यटकों का दोनों दिग्गजों ने हाथ जोड़कर सहर्ष धन्यवाद किया। इस दौरान संगीतकार ए.आर. रहमान ने अपनी जादुई आवाज और धुनों से वहां उपस्थित जनसैलाब का दिल जीत लिया और देशभक्ति का एक अद्भुत समां बांध दिया। बीएसएफ के जांबाज जवानों को अनूठी श्रद्धांजलि अटारी बॉर्डर पर आयोजित इस विशेष कार्यक्रम को ‘जय हो – बहादुरों को श्रद्धांजलि’ का शीर्षक दिया गया था। इस गरिमामयी मंच से संगीतकार ए.आर. रहमान ने अपनी पूरी म्यूजिकल टीम के साथ लाइव प्रस्तुति (लाइव परफॉर्मेंस) दी। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दिन-रात देश की सीमाओं की मुस्तैदी से रक्षा करने वाले सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जांबाज कर्मियों के अदम्य साहस, सर्वोच्च बलिदान और राष्ट्र के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता को सलाम करना और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करना था। इस देशभक्ति से ओतप्रोत मौके पर बॉर्डर परिसर में हजारों लोगों का भारी जमावड़ा देखने को मिला, जिन्होंने एआर रहमान के गानों का जमकर लुत्फ उठाया। जानिए क्या है फिल्म के अनोखे टाइटल की कहानी अटारी बॉर्डर पर आयोजित हुए इस भव्य संगीतमय कार्यक्रम से ठीक पहले निर्देशक इम्तियाज अली ने मीडिया के साथ एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थी। इस बातचीत के दौरान उन्होंने अपनी अपकमिंग फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ के निर्माण और उसकी मूल भावना को लेकर कई दिलचस्प बातें साझा कीं। फिल्म के इस अनोखे टाइटल (शीर्षक) के पीछे छिपे राज को उजागर करते हुए इम्तियाज ने एक भावुक किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि साल 1947 में विभाजन के उस काले दौर में जब लोग भारी मन से अपना पुश्तैनी घर और भारत छोड़कर मजबूरी में पाकिस्तान जा रहे थे, तो उनमें से कई भावुक लोगों ने अपने घरों की दीवारों और दरवाजों के बाहर बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा था—’मैं वापस आऊंगा’। इस उम्मीद और दर्द भरे वाक्य ने इम्तियाज को इतना प्रभावित किया कि उन्होंने इसी को अपनी फिल्म का नाम बना लिया। पंजाब के 12 जिलों में हुई है वास्तविक शूटिंग इम्तियाज अली ने आगे बताया कि इस फिल्म की कहानी में दर्शकों को साल 1947 के अविभाजित पंजाब का वास्तविक वैभव, दर्द और वहां की समृद्ध संस्कृति को बेहद करीब से देखने का मौका मिलने वाला है। फिल्म की प्रामाणिकता को बनाए रखने के लिए इसकी पूरी शूटिंग पंजाब के 12 अलग-अलग वास्तविक जिलों और ग्रामीण इलाकों में की गई है, जिससे फिल्म में वहां का पारंपरिक कल्चर जीवंत हो उठा है। अगर फिल्म की स्टारकास्ट की बात करें तो युवा स्टार वेदांग रैना, पंजाबी रॉकस्टार दिलजीत दोसांझ और उभरती हुई तेजतर्रार अभिनेत्री शारवरी वाघ इस फिल्म में मुख्य और बेहद दमदार भूमिकाओं में नजर आने वाले हैं। यह फिल्म 12 जून 2026 को दर्शकों को इतिहास के एक भावुक सफर पर ले जाने के लिए थिएटर्स में रिलीज हो रही है। Read More : Janhvi Kapoor Peddy Controversy : जाह्नवी कपूर की फिल्म पेड्डी पर विवाद, अनु अग्रवाल ने उठाया महिलाओं के वस्तुकरण का मुद्दा















