Delhi Police Inspector : देश की राजधानी दिल्ली से एक बेहद चौंकाने वाली और गंभीर खबर सामने आई है। केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई ने सोमवार की देर रात एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली पुलिस के एक सेवारत इंस्पेक्टर को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए पुलिस अधिकारी का नाम प्रदीप सिंह परमार है। सीबीआई की टीम ने इंस्पेक्टर परमार को ऐतिहासिक लाल किले के निकट से रंगे हाथ गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के तुरंत बाद सीबीआई अधिकारियों ने उससे कड़ी पूछताछ शुरू कर दी है और यह सिलसिला अभी भी जारी है। इस गिरफ्तारी ने पूरे दिल्ली पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है और यह सवाल उठ रहे हैं कि जो पुलिस समाज की रक्षा के लिए तैनात है, वही भ्रष्टाचार में लिप्त हो तो आम जनता का विश्वास कैसे बनेगा।

दवा से जुड़े केस में रिश्वत लेने का है गंभीर आरोप
सीबीआई सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह परमार पर दवाओं यानी नशीले पदार्थों से संबंधित एक आपराधिक मामले में रिश्वत लेने का बेहद संगीन आरोप है। बताया जा रहा है कि परमार ने ड्रग से जुड़े एक मामले को दबाने या उसमें मदद करने के एवज में अवैध धन लिया था। यह मामला इसलिए और भी गंभीर हो जाता है क्योंकि एक पुलिस अधिकारी का ड्रग माफिया से किसी भी तरह का संबंध पूरी व्यवस्था की साख को गहरी चोट पहुंचाता है। सीबीआई ने इस मामले में लंबे समय से जांच कर रही थी और पर्याप्त सबूत इकट्ठा होने के बाद ही इस गिरफ्तारी को अंजाम दिया गया। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और आने वाले दिनों में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

क्राइम ब्रांच में थी तैनाती, लाल किला चौकी इंचार्ज भी रह चुके हैं परमार
गिरफ्तार इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह परमार की सेवा पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो यह और भी चिंताजनक तस्वीर सामने आती है। परमार गिरफ्तारी के वक्त दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की दक्षिणी रेंज में इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थे। क्राइम ब्रांच दिल्ली पुलिस की सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण इकाइयों में से एक मानी जाती है, जहां गंभीर आपराधिक मामलों की जांच की जाती है। इससे पहले परमार लाल किला पुलिस चौकी के इंचार्ज के रूप में भी काम कर चुके हैं। इस तथ्य से यह भी स्पष्ट होता है कि परमार एक अनुभवी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी थे, जिनके पास दिल्ली के कई संवेदनशील इलाकों में काम करने का लंबा अनुभव था। ऐसे में उनकी इस गिरफ्तारी ने पुलिस विभाग के भीतर भ्रष्टाचार की जड़ों को लेकर गहरी चिंता पैदा कर दी है।
दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने किया अंतर्राज्यीय ड्रग गिरोह का पर्दाफाश
इंस्पेक्टर परमार की गिरफ्तारी की खबर के बीच दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा की एक बड़ी कार्रवाई भी सामने आई है। क्राइम ब्रांच की टीम ने एक सुनियोजित ऑपरेशन के तहत एक खतरनाक अंतर्राज्यीय ड्रग तस्करी गिरोह का सफलतापूर्वक पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने 16 किलोग्राम से भी अधिक मादक पदार्थ जब्त किए हैं। यह एक बड़ी बरामदगी मानी जा रही है जो दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में नशे के कारोबार के व्यापक फैलाव की तरफ इशारा करती है। मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को भी हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ शुरू कर दी है। इस ऑपरेशन को क्राइम ब्रांच की एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
बरेली से संचालित हो रहा था ड्रग नेटवर्क, दिल्ली में बेचते थे नशा
पुलिस जांच में जो तथ्य सामने आए हैं वे इस ड्रग गिरोह के काम करने के तरीके की भयावह तस्वीर पेश करते हैं। पुलिस ने बताया कि यह गिरोह उत्तर प्रदेश के बरेली शहर से अपना पूरा ऑपरेशन संचालित कर रहा था। बरेली को आपूर्ति केंद्र के रूप में इस्तेमाल करते हुए गिरोह के सदस्य वहां से नशीले पदार्थ खरीद कर राजधानी दिल्ली में लाते थे और उन्हें विभिन्न इलाकों में बेचते थे। इस गिरोह ने एक सुव्यवस्थित नेटवर्क बना रखा था, जिसमें माल की सप्लाई से लेकर वितरण तक सब कुछ योजनाबद्ध तरीके से होता था। दो राज्यों में फैले इस नेटवर्क को तोड़ना पुलिस के लिए भी एक बड़ी चुनौती थी।

बेरोजगार युवाओं और नाबालिगों को बना रहे थे ड्रग तस्करी का हथियार
इस ड्रग गिरोह का सबसे घिनौना और चिंताजनक पहलू यह है कि यह गिरोह नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए बेरोजगार युवाओं और यहां तक कि नाबालिग बच्चों का भी बेरहमी से इस्तेमाल कर रहा था। आर्थिक तंगी और बेरोजगारी से जूझ रहे युवाओं को थोड़े से पैसों का लालच देकर उन्हें इस गैरकानूनी धंधे में खींचा जाता था। नाबालिगों को इसलिए चुना जाता था क्योंकि उनके पकड़े जाने पर कानूनी कार्रवाई अपेक्षाकृत कम कठोर होती है। यह सामाजिक दृष्टि से एक अत्यंत खतरनाक प्रवृत्ति है जो देश के भविष्य को गहरी क्षति पहुंचा रही है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इस मामले की जांच अभी जारी है और जल्द ही इस गिरोह के और सदस्यों की पहचान करके उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा।
CBI और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई से भेजा कड़ा संदेश
सीबीआई द्वारा एक सेवारत पुलिस इंस्पेक्टर की गिरफ्तारी और क्राइम ब्रांच द्वारा ड्रग गिरोह के भंडाफोड़ की ये दोनों कार्रवाइयां एक साथ इस बात का स्पष्ट संदेश देती हैं कि कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सतर्कता और जवाबदेही दोनों जरूरी हैं। एक ओर जहां भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई आवश्यक है, वहीं दूसरी ओर ड्रग माफिया को जड़ से उखाड़ने के लिए निरंतर और निर्भीक पुलिसिंग भी जरूरी है। आने वाले दिनों में इन दोनों मामलों में और अधिक खुलासे होने की उम्मीद है।












