Trump Iran Claim: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक हालिया सोशल मीडिया पोस्ट ने ईरान के साथ चल रही युद्ध विराम की संभावनाओं पर पानी फेर दिया है। इस पोस्ट के बाद दोनों देशों के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरानी सरकारी मीडिया के उन दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है, जिनमें दोनों देशों के बीच युद्ध रोकने के लिए कुछ शर्तों पर सहमति बनने की बात कही जा रही थी। ट्रंप के इस कड़े रुख के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति बहाली की कोशिशों को एक बड़ा झटका लगा है।

ट्रंप ने ईरानी मीडिया के दावों को बताया ‘फेक न्यूज’
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर ईरान को आड़े हाथों लेते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि ईरान के सरकारी मीडिया द्वारा जिन शर्तों का प्रचार किया जा रहा है, वे पूरी तरह से ‘फेक न्यूज’ (झूठी खबर) हैं। ट्रंप ने साफ किया कि ईरान जिन बातों का दावा कर रहा है, उनका दोनों देशों के बीच लिखित रूप में तय हुए मसौदे से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने ईरान के इस रवैये को बेहद कमजोर और शर्मनाक करार दिया।

भारतीय जहाजों पर ड्रोन हमले को लेकर अमेरिका सख्त
अपने इसी बयान में राष्ट्रपति ट्रंप ने खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी बड़ी बात कही। उन्होंने बताया कि बीती रात होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) से गुजर रहे भारतीय व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाकर एक ड्रोन हमला किया गया था। हालांकि, इस घातक हमले को पूरी तरह से नाकाम कर दिया गया। ट्रंप ने इस घटना पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर इस तरह की हिंसक और उकसावे वाली हरकतें किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं हैं।
‘ईरान के साथ ईमानदारी से बात करना मुमकिन नहीं’
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि उनके साथ किसी भी तरह की डील करना बहुत ही बेईमानी भरा काम है। ट्रंप के अनुसार, ईरान के साथ ईमानदारी और पारदर्शिता से कोई बातचीत नहीं की जा सकती। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि इस तरह की गैर-जिम्मेदाराना हरकतें बर्दाश्त से बाहर हैं और ईरान को जल्द से जल्द अपने व्यवहार और हरकतों में सुधार कर लेना चाहिए, अन्यथा इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
मुआवजे की शर्त पर अड़ा ईरान, तनाव बरकरार
दरअसल, यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब शुक्रवार को ईरानी सरकारी मीडिया ने दोनों देशों के बीच हुए समझौते के एक कथित मसौदे को सार्वजनिक किया। इस मसौदे की मुख्य बात यह थी कि युद्ध के दौरान अमेरिकी और इजराइली हमलों के कारण ईरान को जो भी आर्थिक और बुनियादी नुकसान हुआ है, उसके लिए उसे उचित मुआवजा दिया जाएगा। ईरान इस शर्त को समझौते का एक अनिवार्य हिस्सा मानकर चल रहा है, जिसे अमेरिका मानने को तैयार नहीं है।
शांति समझौते को लेकर ईरान और अमेरिका के बयानों में भारी अंतर
वर्तमान में ईरान और अमेरिका के बयानों में जमीन-आसमान का अंतर देखने को मिल रहा है। ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी ‘इरना’ (IRNA) ने दावा किया है कि तेहरान ने हर्जाना वसूलने के लिए एक व्यावहारिक रूपरेखा तैयार कर ली है और इसे सुरक्षित करने के लिए तीसरे पक्ष से गारंटी भी ले ली है। दूसरी तरफ, राष्ट्रपति ट्रंप ने गुरुवार को कहा था कि युद्ध खत्म करने के लिए एक शुरुआती समझौता हुआ है, लेकिन तेहरान का कहना है कि इस प्रस्ताव पर अभी तक कोई अंतिम मुहर नहीं लगी है।
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