Congress Training Camp : छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने अपने सांगठनिक ढांचे को जमीनी स्तर पर बेहद मजबूत और सक्रिय बनाने के लिए एक बड़ा अभियान छेड़ा है। ‘संगठन सृजन अभियान’ के तहत हाल ही में नियुक्त किए गए सभी नए जिला और शहर कांग्रेस अध्यक्षों की कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए एक विशेष 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह महत्वपूर्ण आवासीय शिविर 21 जून से शुरू होकर 30 जून 2026 तक राजधानी रायपुर के चांदी मोड़ स्थित अग्नियोटम अलका अवतार मंगल भवन में चलेगा। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इस संबंध में एक आधिकारिक पत्र जारी कर सभी नवनियुक्त अध्यक्षों को अनिवार्य रूप से इस शिविर का हिस्सा बनने का कड़ा निर्देश दिया है।

शीर्ष नेतृत्व का मिलेगा मार्गदर्शन
इस प्रशिक्षण शिविर की सबसे खास बात यह है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद राहुल गांधी भी इस कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे। केसी वेणुगोपाल द्वारा जारी पत्र के अनुसार, राहुल गांधी ने इस शिविर में शामिल होने के लिए अपनी सैद्धांतिक सहमति दे दी है। वे इन 10 दिनों में से किसी भी एक दिन रायपुर पहुंचकर नवनियुक्त अध्यक्षों के बीच मौजूद रहेंगे और उन्हें बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने तथा जनता से सीधा संवाद स्थापित करने के विशेष कूटनीतिक टिप्स देंगे। इससे पहले इन सभी नवनियुक्त अध्यक्षों को 10 फरवरी 2026 को नई दिल्ली के इंदिरा भवन में दो दिवसीय प्रारंभिक प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जहां कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने उन्हें मार्गदर्शित किया था।

वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने इस महत्वपूर्ण आयोजन की पूरी जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) को सौंपी है। एआईसीसी ने सख्त हिदायत दी है कि शिविर की सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद होनी चाहिए। इसके साथ ही, एआईसीसी सचिवों, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, कांग्रेस विधायक दल के नेता और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों को इस शिविर में अपना अधिकतम समय देने को कहा गया है। निर्देश के मुताबिक, राज्य के सभी सीनियर नेताओं को इस 10 दिवसीय कार्यक्रम के दौरान कम से कम 5 दिन शिविर में भौतिक रूप से उपस्थित रहना होगा। इसमें विशेष रूप से प्रशिक्षण शिविर के शुरुआती दो दिन और समापन के अंतिम दो दिन शामिल होना अनिवार्य किया गया है।

भविष्य की चुनावी रणनीति
पार्टी के रणनीतिकारों और राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस दीर्घकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रम के पीछे कांग्रेस की एक सोची-समझी दूरगामी चुनावी रणनीति छिपी हुई है। कांग्रेस नेतृत्व का मुख्य उद्देश्य नए जिला और शहर अध्यक्षों को पार्टी की मूल विचारधारा, संगठनात्मक ढांचे के संचालन, प्रभावी जनसंपर्क और आधुनिक चुनावी प्रबंधन की बारीकियों से पूरी तरह रूबरू कराना है। राज्य में आगामी दिनों में होने वाले नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के साथ-साथ वर्ष 2028 में होने वाले छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस अपने संगठन को बूथ स्तर पर अभेद्य किला बनाने की बड़ी तैयारी में जुटी है।
समय पर पहुंचने का कड़ा निर्देश
प्रशिक्षण शिविर को पूरी तरह अनुशासित और समयबद्ध रखने के लिए एआईसीसी ने सख्त दिशा-निर्देश तय किए हैं। जारी किए गए पत्र में साफ तौर पर लिखा गया है कि सभी प्रतिभागी जिला और शहर अध्यक्षों को हर हाल में 21 जून 2026 को दोपहर 12 बजे तक रायपुर के निर्धारित प्रशिक्षण स्थल पर अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को प्रदेश नेतृत्व की ओर से औपचारिक डिजिटल और लिखित निमंत्रण पत्र भी भेज दिए गए हैं, ताकि समय रहते सभी अपनी तैयारियां पूरी कर सकें।
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