Pandharpur Accident : महाराष्ट्र के सोलापूर जिले में स्थित प्रसिद्ध तीर्थस्थल पंढरपुर से एक बेहद ही दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाला सड़क हादसा सामने आया है. यहां भगवान विट्ठल के दर्शन और तीर्थयात्रा पर निकले श्रद्धालुओं से खचाखच भरी एक तेज रफ्तार पिकअप वैन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने एक गहरे कुएं में जा गिरी. इस भीषण और रोंगटे खड़े कर देने वाले हादसे के कारण पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते चारों तरफ कोहराम छा गया. शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, यह दुर्घटना इतनी भयानक थी कि वाहन में सवार लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला.

हादसे में 14 श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत, कई घायल
कुएं में पिकअप वैन के गिरते ही पानी और मलबे के बीच फंसे लोगों में जान बचाने की जद्दोजहद शुरू हो गई. स्थानीय प्रशासन और पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इस दिल दहला देने वाले हादसे में अब तक कुल 14 श्रद्धालुओं की असमय और दर्दनाक मौत हो चुकी है. मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं. इसके अलावा, कई अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकाला गया. इस दुखद घटना ने न केवल मृतकों के परिवारों को बल्कि पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है.

रांजनी गांव में पसरा मातम
इस भयानक हादसे का सबसे दुखद पहलू यह है कि पिकअप वैन में सवार सभी लोग पंढरपुर के ही नजदीकी रांजनी गांव के निवासी बताए जा रहे हैं. एक ही गांव के 14 लोगों की एक साथ मौत की खबर जैसे ही रांजनी गांव पहुंची, वहां सन्नाटा पसर गया और हर घर से रोने-बिलखने की आवाजें आने लगीं. ग्रामीण सूत्रों के अनुसार, ये सभी ग्रामीण आपस में रिश्तेदार और पड़ोसी थे, जो एक साथ मिलकर बेहद उत्साह के साथ अपनी धार्मिक तीर्थयात्रा पर रवाना हुए थे, लेकिन किसे पता था कि उनकी यह यात्रा कभी पूरी नहीं होगी.
तीर्थयात्रा का दुखद अंत
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, रांजनी गांव के ये सभी निवासी सुबह-सुबह अपनी पिकअप वैन में सवार होकर एक पवित्र धार्मिक स्थल की ओर बढ़ रहे थे. रास्ते में अचानक चालक का वाहन पर से नियंत्रण खो गया, जिसके कारण गाड़ी सड़क को छोड़कर सीधे किनारे बने गहरे और खुले कुएं में समा गई. जो यात्रा भगवान के भजन-कीर्तन और खुशियों के साथ शुरू हुई थी, उसका अंत इतनी बड़ी त्रासदी के साथ होगा, इसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी. घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है.
युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, जिला प्रशासन की टीमें और आपदा प्रबंधन के जवान तुरंत हरकत में आए और बिना किसी देरी के दुर्घटनास्थल पर पहुंचे. कुआं काफी गहरा होने के कारण बचाव कार्य में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. प्रशासन ने तुरंत बड़ी क्रेन और भारी मशीनों को काम पर लगाया. स्थानीय तैराकों और ग्रामीणों की मदद से भारी मशक्कत के बाद पिकअप वैन को पानी से बाहर निकाला गया और शवों को पोस्टमार्टम के लिए नजदीकी सरकारी अस्पताल भेजा गया.
घायलों का उपचार और जांच
हादसे में जीवित बचे और गंभीर रूप से घायल हुए अन्य श्रद्धालुओं को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र और पंढरपुर के मुख्य अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है. डॉक्टरों की एक विशेष टीम घायलों के उपचार में जुटी हुई है, जिनमें से कुछ की हालत अब भी चिंताजनक बनी हुई है. दूसरी ओर, पुलिस ने इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है कि आखिर यह हादसा चालक की लापरवाही या नींद की झपकी के कारण हुआ या फिर वाहन में कोई तकनीकी खराबी आई थी.
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