Lagaan 25 Years : भारतीय सिनेमा के इतिहास में मील का पत्थर साबित हुई आमिर खान की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘लगान’ ने अपनी रिलीज के शानदार 25 साल पूरे कर लिए हैं। इस ऐतिहासिक और खास अवसर को मनाने के लिए फिल्म की पूरी स्टारकास्ट और क्रू मेंबर्स ने एक साथ मिलकर एक भव्य रीयूनियन सेलिब्रेशन का आयोजन किया। इस जश्न के दौरान फिल्मी पर्दे के कई ऐसे मशहूर सितारे भी नजर आए, जो अब बॉलीवुड की चकाचौंध और लाइमलाइट से कोसों दूर अपनी एक अलग ही शांत दुनिया बसा चुके हैं।

इन्हीं में से एक हैं ‘लगान की गौरी’ यानी प्रख्यात अभिनेत्री ग्रेसी सिंह। ग्रेसी सिंह ने इस कल्ट क्लासिक फिल्म में अपनी सादगी से करोड़ों दर्शकों का दिल जीता था, लेकिन अब उन्होंने बड़े पर्दे की दुनिया को अलविदा कहकर अध्यात्म और धर्म का मार्ग चुन लिया है। हाल ही में जब वे ‘लगान’ के सिल्वर जुबली सेलिब्रेशन में शामिल हुईं, तो उनकी असीम सादगी और शालीन लुक को देखकर लोग पूरी तरह हैरान रह गए। कई फैंस तो उन्हें पहली नजर में पहचान भी नहीं पाए।

मुन्ना भाई और गंगाजल जैसी यादगार फिल्मों से बॉक्स ऑफिस पर बटोरी शोहरत
‘लगान’ की अभूतपूर्व सफलता के बाद ग्रेसी सिंह रातों-रात फिल्म इंडस्ट्री की शीर्ष अभिनेत्रियों में शुमार हो गईं और घर-घर में पहचानी जाने लगीं। इसके बाद उन्होंने राजकुमार हिरानी की सुपरहिट कल्ट कॉमेडी फिल्म ‘मुन्ना भाई M.B.B.S.’ में मुख्य अभिनेत्री की भूमिका निभाई, जहां संजय दत्त (संजू बाबा) के साथ डॉक्टर चिंकी के किरदार में उनकी जोड़ी को दर्शकों ने बेहद पसंद किया।
इसके अलावा, प्रकाश झा की मशहूर कड़क एक्शन-ड्रामा फिल्म ‘गंगाजल’ में वे सुपरस्टार अजय देवगन के साथ बेहद संजीदा किरदार में नजर आईं। ग्रेसी सिंह को अपने छोटे से फिल्मी सफर में आमिर खान, अमिताभ बच्चन, अजय देवगन और अनिल कपूर जैसे भारतीय सिनेमा के सबसे दिग्गज अभिनेताओं के साथ स्क्रीन साझा करने का गौरव प्राप्त हुआ। हालांकि, इसके बाद उनकी कुछ चुनिंदा फिल्में ही बॉक्स ऑफिस पर कमाल दिखा सकीं और उन्होंने धीरे-धीरे टीवी तथा अध्यात्म की ओर रुख कर लिया।
क्लासिकल डांसर से ऑस्कर नॉमिनेशन तक का सफरनामा
बहुत कम लोग जानते हैं कि ग्रेसी सिंह ने अपने करियर की शुरुआत एक पेशेवर क्लासिकल डांसर के तौर पर की थी। वे मशहूर डांस ग्रुप ‘द प्लैनेट्स’ का हिस्सा थीं और देश-विदेश में स्टेज शो व टूर किया करती थीं। साल 1997 में उन्होंने बेहद लोकप्रिय टेलीविजन धारावाहिक ‘अमानत’ से एक्टिंग की दुनिया में अपना पहला कदम रखा था। इसके बाद साल 2001 में आई आशुतोष गोवारिकर की फिल्म ‘लगान’ ने उनके करियर को एक नई ऊंचाई दी। यह ऐतिहासिक फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट होने के साथ-साथ ‘मदर इंडिया’ और ‘सलाम बॉम्बे’ के बाद एकेडमी अवॉर्ड्स (ऑस्कर) में ‘बेस्ट फॉरेन लैंग्वेज फिल्म’ की श्रेणी में नामांकित होने वाली भारत की तीसरी आधिकारिक फिल्म बनी थी।
फ्लॉप फिल्मों का दौर और प्रादेशिक सिनेमा में किस्मत आजमाने की कोशिश
‘लगान’ और ‘मुन्ना भाई’ जैसी लगातार दो ब्लॉकबस्टर फिल्में देने के बाद ग्रेसी सिंह के करियर में एक कठिन दौर भी आया। उन्होंने अमिताभ बच्चन के साथ फिल्म ‘अरमान’ में काम किया, लेकिन यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप साबित हुई। इसके बाद आई उनकी फिल्में जैसे ‘चंचल’, ‘देशद्रोही’ और ‘देख भाई देख’ दर्शकों को बिल्कुल भी प्रभावित नहीं कर सकीं। हिंदी सिनेमा में लगातार फ्लॉप फिल्मों की झड़ी लगने के बाद ग्रेसी सिंह ने क्षेत्रीय सिनेमा का रुख किया। उन्होंने तमिल, तेलुगु, मलयालम, गुजराती, पंजाबी और बंगाली भाषाओं की फिल्मों में अपनी किस्मत आजमाई। लेकिन इन इंडस्ट्रीज में भी उन्हें कोई खास व्यावसायिक सफलता हासिल नहीं हुई, जिसके बाद उन्होंने अभिनय की दुनिया से एक सुरक्षित दूरी बनाने का मन बना लिया।
बॉलीवुड की चकाचौंध से दूर ब्रह्माकुमारी संस्था में पाई असली आत्मिक शांति
ग्लैमर इंडस्ट्री के अन्य कलाकारों के विपरीत, ग्रेसी सिंह ने हमेशा खुलकर यह स्वीकार किया है कि एक्टिंग कभी भी उनकी जिंदगी का एकमात्र या मुख्य लक्ष्य नहीं था और न ही उन्होंने कभी बॉलीवुड का नंबर वन सुपरस्टार बनने का कोई बड़ा सपना देखा था। साल 2015 में उन्होंने टेलीविजन जगत में पौराणिक धारावाहिक ‘संतोषी मां’ के जरिए वापसी की, जिसमें देवी संतोषी के मुख्य और शांत किरदार को निभाकर उन्होंने नई पीढ़ी के दर्शकों के दिलों में एक बार फिर अपनी जगह बनाई।
समय बीतने के साथ ग्रेसी सिंह पूरी तरह से आध्यात्मिक मार्ग पर अग्रसर हो गईं और प्रसिद्ध आध्यात्मिक संस्था ‘ब्रह्माकुमारी’ से गहराई से जुड़ गईं। अब वे लंबे समय से फिल्मों से दूर हैं और पूरी सादगी के साथ अपना जीवन व्यतीत कर रही हैं। वे सोशल मीडिया पर भी सक्रिय हैं और वहां अक्सर ब्रह्माकुमारी संस्था के विचारों और मानवीय सेवा से जुड़े पोस्ट साझा करती हैं।
Read More : West Bengal Politics : हुलिया बदलकर भागे ममता के ‘चहेते’ को पुलिस ने दबोचा, जनता ने अंडों से नहलाया!











