Karnataka Politics : कर्नाटक की राजनीति में आज विधान परिषद (MLC) की सात सीटों के लिए हो रहे मतदान ने सियासी पारा चढ़ा दिया है। चुनाव मैदान में कुल आठ प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए उस समय एक बड़ा झटका सामने आया, जब उसके दो विधायकों ने पार्टी व्हिप के विपरीत जाकर कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष में मतदान कर दिया। भाजपा से निष्कासित विधायक एस.टी. सोमशेखर और शिवराम हेब्बार ने न केवल क्रॉस-वोटिंग की, बल्कि उनकी मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के साथ मुस्कुराते हुए तस्वीरें भी सामने आईं। यह घटनाक्रम कांग्रेस के लिए एक बड़ी जीत का संकेत है।

सत्ता परिवर्तन के बाद कांग्रेस की पहली बड़ी चुनावी परीक्षा
कर्नाटक में हाल ही में हुए सत्ता परिवर्तन के बाद डी.के. शिवकुमार के मुख्यमंत्री पद संभालने के उपरांत यह कांग्रेस सरकार की पहली बड़ी चुनावी अग्निपरीक्षा है। विधानसभा के ‘विधान सौध’ में मतदान प्रक्रिया जारी है। भाजपा के दो विधायकों का मुख्यमंत्री के साथ सार्वजनिक रूप से गलबहियां करना और कांग्रेस के पक्ष में वोट डालना राज्य की बदलती राजनीतिक समीकरणों को दर्शाता है। माना जा रहा है कि इस क्रॉस-वोटिंग से कांग्रेस को विधान परिषद में अपनी पांचवीं सीट सुरक्षित करने के लिए आवश्यक संख्या बल जुटाने में बड़ी सफलता मिलेगी।

जीत का गणित और उम्मीदवारों का मुकाबला
निर्वाचन आयोग के अनुसार, मतदान सुबह नौ बजे से शुरू होकर शाम चार बजे तक चलेगा, जिसके बाद शाम पांच बजे मतगणना शुरू होगी और आज ही परिणामों की घोषणा कर दी जाएगी। चुनावी नियमों के तहत, हर उम्मीदवार को जीत हासिल करने के लिए न्यूनतम 28 वोटों की आवश्यकता है। अपनी वर्तमान संख्या बल के आधार पर कांग्रेस और भाजपा क्रमशः चार और दो सीटें आसानी से जीतने की स्थिति में हैं। असली मुकाबला सातवीं सीट को लेकर है, जहाँ कांग्रेस और जनता दल (सेक्यूलर) दोनों ने अपने प्रत्याशी उतारे हैं। किसी भी दल के पास इस सीट के लिए स्पष्ट बहुमत न होने के कारण, निर्दलीय और बागी विधायकों की भूमिका निर्णायक हो गई है।
चुनावी मैदान में प्रमुख चेहरे और विधानसभा की वर्तमान स्थिति
इस चुनावी संग्राम में कांग्रेस की ओर से टी. कामकनूर, पी.वी. मोहन, बी.के. हरिप्रसाद (प्रदेश अध्यक्ष), शिवन्ना बी.एस. और विनय कार्तिक प्रकाश अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। वहीं, भाजपा की तरफ से लिंगराज पाटिल और रघु आर, तथा जद(एस) से गोविंदराजू मैदान में हैं। कर्नाटक की 224 सदस्यीय विधानसभा के वर्तमान गणित को देखें तो कांग्रेस के पास 134, भाजपा के पास 62 और जद(एस) के पास 18 विधायक हैं। इसके अलावा अन्य छोटे दलों और निर्दलीय विधायकों का समर्थन भी इस चुनाव के नतीजों को प्रभावित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
आगामी परिणाम तय करेंगे परिषद का भविष्य
विधान परिषद की इन सीटों पर होने वाला मतदान न केवल विधायकों के व्यक्तिगत निष्ठा का प्रश्न है, बल्कि यह आने वाले समय में कर्नाटक की विधान परिषद में कांग्रेस के दबदबे को भी तय करेगा। क्रॉस-वोटिंग के बाद भाजपा खेमे में हड़कंप है, जबकि कांग्रेस अपनी रणनीतिक सफलता को लेकर आश्वस्त दिख रही है। अब सबकी निगाहें शाम को आने वाले परिणामों पर टिकी हैं, जो यह स्पष्ट करेंगे कि क्या कांग्रेस निर्दलीय और बागी विधायकों के सहारे सात में से पांच सीटें जीतकर बहुमत का अपना लक्ष्य पूरा कर पाती है या नहीं।

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