Jharkhand Rajya Sabha Election : देश के दो राज्यों, झारखंड और मिजोरम में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए हुई वोटिंग के परिणाम राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बने हुए हैं। झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए मुकाबला त्रिकोणीय था, जबकि मिजोरम की एक सीट के लिए दो उम्मीदवार मैदान में थे। झारखंड के चुनाव परिणामों में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम ने शानदार जीत दर्ज की, वहीं निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रहे परिमल नाथवाणी ने सबको चौंकाते हुए जीत हासिल कर ली। इस जीत के साथ ही राज्यसभा में एनडीए का गणित और अधिक मजबूत हो गया है।

झारखंड में कांग्रेस को लगा झटका, एनडीए समर्थित उम्मीदवार की जीत
झारखंड का मुकाबला सबसे अधिक दिलचस्प रहा। जेएमएम के पास बैद्यनाथ राम को जिताने के लिए आवश्यक 28 वोटों से 6 वोट अधिक थे, जिससे उनकी जीत पहले ही सुनिश्चित थी। असली मुकाबला दूसरी सीट के लिए कांग्रेस के प्रणव झा और भाजपा समर्थित निर्दलीय परिमल नाथवाणी के बीच था। कांग्रेस को जीत के लिए सहयोगी दलों (आरजेडी और लेफ्ट) के वोटों पर भरोसा था, लेकिन उम्मीद के विपरीत कांग्रेस उम्मीदवार अपेक्षित संख्या बल नहीं जुटा सके। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने परिणामों के बाद सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि परिमल नाथवाणी को कुल 28 वोट मिले और कांग्रेस प्रत्याशी केवल 20 वोटों पर सिमट गया, जिसे उन्होंने महागठबंधन की बड़ी हार करार दिया।

जेएमएम और परिमल नाथवाणी ने हासिल किया जीत का आंकड़ा
चुनाव परिणामों के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जेएमएम उम्मीदवार बैद्यनाथ राम को 31 वोट मिले, जबकि परिमल नाथवाणी ने जीत के लिए अनिवार्य 28 वोटों का आंकड़ा हासिल कर लिया। कांग्रेस उम्मीदवार जरूरी 28 वोटों के लक्ष्य से काफी दूर रहे। मतगणना के दौरान कुछ वोटों को लेकर विवाद भी सामने आया, जिसमें तीन मतों को रद्द कर दिया गया और तीन मतों को ‘होल्ड’ पर रखा गया है, जिनकी जांच प्रक्रिया अभी जारी है। हालांकि, इन तकनीकी अड़चनों के बावजूद जीत का फैसला स्पष्ट हो गया है।
शत-प्रतिशत मतदान: झारखंड के सभी 81 विधायकों ने किया मताधिकार का प्रयोग
राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया झारखंड विधानसभा के कमरा संख्या-42 में पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। लोकतंत्र की मजबूती का उदाहरण देते हुए राज्य के सभी 81 विधायकों ने अपने मताधिकार का उपयोग किया, जिससे सदन में 100 प्रतिशत मतदान का रिकॉर्ड दर्ज किया गया। जेएमएम विधायक सुदिव्य कुमार सोनू अंतिम मतदाता रहे, जिनके वोट डालने के साथ ही प्रक्रिया पूरी हुई। विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने जीत पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य के विधायक समझदार हैं और उन्हें पता है कि झारखंड के व्यापक हित में किसे चुनना है।
निर्विरोध निर्वाचित सदस्यों के साथ राज्यसभा में बढ़ा एनडीए का दबदबा
राज्यसभा की कुल 27 सीटों पर हुए चुनाव में 24 सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए थे। इन 24 सीटों में से भाजपा गठबंधन ने 19 और विपक्षी दलों ने 5 सीटों पर जीत दर्ज की थी। झारखंड में परिमल नाथवाणी की जीत के बाद एनडीए का आंकड़ा अब 20 हो गया है। मिजोरम की सीट का परिणाम आना अभी शेष है, लेकिन झारखंड के नतीजों ने साफ कर दिया है कि संख्या बल के खेल में एनडीए ने बाजी मार ली है।










