Udanti Sitanadi : उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में 8 साल बाद बाघिन की दस्तक, वन विभाग में खुशी की लहर

Udanti Sitanadi : छत्तीसगढ़ के वन्यजीव प्रेमियों और वन विभाग के अधिकारियों के लिए एक अत्यंत सुखद और उत्साहजनक खबर सामने आई है। राज्य के प्रसिद्ध ‘उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व’ में आठ साल लंबे अंतराल के बाद एक बाघिन की मौजूदगी दर्ज की गई है। वर्ष 2018 के बाद से यह पहली बार है, जब रिजर्व क्षेत्र के भीतर किसी बाघिन की स्पष्ट गतिविधि देखी गई है। वन विभाग द्वारा लगाए गए ट्रैप कैमरों में बाघिन की तस्वीरें कैद होने के बाद पूरे वन विभाग में खुशी की लहर दौड़ गई है। यह उपलब्धि न केवल रिजर्व के पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है, बल्कि यह क्षेत्र के संरक्षण कार्यों की सफलता को भी दर्शाती है।

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बाघों की संख्या में वृद्धि के मिल रहे हैं सकारात्मक संकेत

उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के लिए पिछला कुछ समय काफी आशाजनक रहा है। पिछले साल भी वन विभाग को एक नर बाघ की मौजूदगी के संकेत मिले थे। हाल के महीनों की बात करें तो रिजर्व क्षेत्र में तीन अलग-अलग बाघों की आवाजाही की खबरें और पदचिह्न भी सामने आए हैं, जो यह संकेत देते हैं कि जंगल अब बाघों के लिए फिर से रहने योग्य और सुरक्षित वातावरण प्रदान कर रहा है। हालांकि, रिजर्व में बाघों की कोई स्थिर या स्थायी आबादी अभी पूरी तरह से स्थापित नहीं हुई है, लेकिन बाघिन की हालिया उपस्थिति ने इस दिशा में उम्मीदों को पंख लगा दिए हैं। यह एक बड़ा संकेत है कि बाघ अब इस क्षेत्र को अपने प्राकृतिक आवास के रूप में फिर से चुन रहे हैं।

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संरक्षण प्रयासों और निरंतर निगरानी का दिखने लगा है बड़ा असर

वन विभाग के अथक प्रयासों, लगातार की जा रही निगरानी और शिकार पर पूर्ण प्रतिबंध के चलते उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व का कायाकल्प हो रहा है। विभाग के अधिकारी जंगल के प्राकृतिक आवास को संरक्षित रखने और वन्यजीवों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं। इन प्रयासों का ही परिणाम है कि आज रिजर्व में बाघों का कुनबा फिर से बढ़ने की संभावना प्रबल हो गई है। अधिकारियों का यह मानना है कि यदि यही परिस्थितियां बनी रहीं, तो भविष्य में यह रिजर्व एक बार फिर से बाघों के प्रमुख और सुरक्षित ठिकाने के रूप में पूरे देश में अपनी विशेष पहचान को पुनः स्थापित कर लेगा।

बाघों की वापसी से रिजर्व के भविष्य के लिए सुनहरे संकेत

उदंती-सीतानदी के डीएफओ वरुण जैन के अनुसार, अब तक रिजर्व में केवल एक नर बाघ की ही मौजूदगी की पुष्टि हुई थी, लेकिन अब बाघिन की तस्वीर सामने आना एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है। 2018 के बाद बाघिन का आना बाघों के प्रजनन और क्षेत्र में उनकी संख्या बढ़ाने के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। स्थानीय लोग और वन्यजीव प्रेमी इस घटना को रिजर्व के सुनहरे भविष्य की शुरुआत के रूप में देख रहे हैं। विशेषज्ञों का भी यह मानना है कि यदि अनुकूल वातावरण और शांति बनी रही, तो जल्द ही यहाँ बाघों का परिवार और अधिक सक्रिय नजर आएगा। यह खबर राज्य के पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

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Chandan Das

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