लंबे समय तक डेस्क पर बैठकर काम करना आज की जीवनशैली का हिस्सा बन चुका है, लेकिन इसके साथ पीठ और कमर दर्द की समस्या भी तेजी से बढ़ रही है। क्या कुछ आसान बदलाव और सही आदतें इस दर्द से राहत दिला सकती हैं? जानिए विशेषज्ञों की महत्वपूर्ण सलाह।
लंबे समय तक डेस्क पर बैठकर काम करना आज की जीवनशैली का हिस्सा बन चुका है, लेकिन इसके साथ पीठ और कमर दर्द की समस्या भी तेजी से बढ़ रही है। क्या कुछ आसान बदलाव और सही आदतें इस दर्द से राहत दिला सकती हैं? जानिए विशेषज्ञों की महत्वपूर्ण सलाह।

Back Pain : आज के आधुनिक युग में डेस्क जॉब एक अनिवार्य आवश्यकता बन गई है, जिसमें कर्मचारियों को घंटों कंप्यूटर के सामने बैठकर काम करना पड़ता है। शारीरिक गतिविधि में कमी और गलत पोस्चर (बैठने का तरीका) में लगातार घंटों काम करने के कारण रीढ़ की हड्डी पर अत्यधिक दबाव पड़ता है। इसका सीधा असर पीठ, कमर और कंधों की मांसपेशियों पर पड़ता है, जिससे असहनीय दर्द और जकड़न महसूस होने लगती है। कई लोग इस दर्द से बचने के लिए पेन किलर्स या बाम का सहारा लेते हैं, लेकिन ये उपाय केवल अस्थायी राहत देते हैं। आयुर्वेद और योग विज्ञान के अनुसार, रीढ़ की हड्डी को स्वस्थ और लचीला बनाए रखने के लिए योगासनों का अभ्यास सबसे प्रभावी और स्थायी समाधान है।

मार्जरीआसन, जिसे ‘कैट-काउ पोज़’ के रूप में भी जाना जाता है, रीढ़ की हड्डी में लचीलापन लाने का सबसे उत्तम तरीका है। यह आसन पीठ की मांसपेशियों की जकड़न को दूर करता है और प्रभावित क्षेत्र में रक्त संचार (ब्लड फ्लो) को बढ़ाता है। अभ्यास के लिए, अपने घुटनों और हाथों के बल जमीन पर बिल्ली की मुद्रा में आएं। सांस अंदर लेते हुए सिर को ऊपर उठाएं और पीठ को नीचे की ओर दबाएं। इसके बाद, सांस छोड़ते हुए सिर को नीचे की ओर झुकाएं और अपनी पीठ को ऊपर की तरफ गोल आकार दें। इस प्रक्रिया को 8 से 10 बार दोहराने से रीढ़ की हड्डी का स्वास्थ्य बेहतर होता है।

लगातार कंप्यूटर के सामने आगे की ओर झुककर काम करने से रीढ़ के निचले हिस्से (लोअर बैक) में दर्द होना सामान्य है। भुजंगासन (कोबरा पोज़) इस समस्या को दूर करने में रामबाण माना जाता है। यह आसन रीढ़ को मजबूती प्रदान करता है और मांसपेशियों की थकान को मिटाता है। इसके अभ्यास के लिए पेट के बल सीधे लेट जाएं और अपने दोनों हाथों को कंधों के पास जमीन पर रखें। सांस भरते हुए शरीर के ऊपरी हिस्से को ऊपर उठाएं और आकाश की ओर देखें। कुछ सेकंड इसी स्थिति में रुकने के पश्चात सांस छोड़ते हुए वापस नीचे आएं। इसे 3 से 5 बार करने से अत्यधिक लाभ मिलता है।
अधोमुख श्वानासन पूरे शरीर को स्ट्रेच करने वाला एक बेहतरीन आसन है। यह कंधों, हाथों और जांघों की मांसपेशियों की जकड़न को खोलकर कमर के दर्द को कम करने में मदद करता है। इसे करने के लिए हाथों और पैरों के बल खड़े हो जाएं और अपने कूल्हों को ऊपर की ओर उठाएं। कोशिश करें कि आपकी एड़ियां जमीन को स्पर्श करें और नजरें नाभि पर टिकी रहें। इस ‘वी’ आकार वाली मुद्रा में 5 बार गहरी सांसें लेने से शरीर को अद्भुत शांति और ऊर्जा मिलती है।
बालआसन (चाइल्ड पोज़) न केवल पीठ और गर्दन के दर्द को दूर करता है, बल्कि यह मानसिक तनाव को भी कम करता है। इसके अभ्यास के लिए वज्रासन में बैठें, फिर सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे आगे की ओर झुकें और अपना माथा जमीन पर टिकाएं। अपने हाथों को सामने की ओर फैलाकर रखें। इस विश्रामदायक मुद्रा में 1 से 2 मिनट तक गहरी सांस लेने से शरीर और मस्तिष्क दोनों को गहरा आराम मिलता है, जिससे थकान का नामोनिशान मिट जाता है।

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