PM Modi Seychelles Visit : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को अपनी तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा के लिए हिंद महासागर स्थित द्वीप राष्ट्र सेशेल्स पहुंचे। राजधानी विक्टोरिया के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी ने प्रधानमंत्री का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। अपनी यात्रा के पहले चरण में, दोनों नेताओं ने शहर के प्रसिद्ध नेशनल बॉटनिकल गार्डन का दौरा किया, जहाँ उन्होंने अल्डाबरा विशाल कछुओं को खाना खिलाया। यह यात्रा प्रतीकात्मक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रधानमंत्री 29 जून को सेशेल्स के 50वें राष्ट्रीय दिवस समारोह में ‘मुख्य अतिथि’ (गेस्ट ऑफ ऑनर) के रूप में सम्मिलित होंगे, जो दोनों राष्ट्रों के बीच की गहरी कूटनीतिक प्रगाढ़ता को दर्शाता है।

‘सागर’ विजन और भारत-सेशेल्स के साझा रणनीतिक लक्ष्य
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में सेशेल्स को भारत का एक अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री पड़ोसी और ‘सागर’ (SAGAR – सिक्योरिटी एंड ग्रोथ फॉर ऑल इन द रीजन) विजन का प्रमुख भागीदार बताया। वर्तमान वर्ष भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों की स्वर्ण जयंती (50 वर्ष) का प्रतीक है। ये संबंध केवल औपचारिक नहीं हैं, बल्कि आपसी विश्वास, लोकतांत्रिक मूल्यों और सांस्कृतिक विविधता के प्रति सम्मान की नींव पर टिके हैं। फरवरी 2026 में राष्ट्रपति हर्मिनी की सफल भारत यात्रा के बाद, प्रधानमंत्री का यह दौरा द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देने के लिए रणनीतिक वार्ता का एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा। दोनों देश हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा, समृद्धि और विकास को एक साथ मिलकर आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

संसदीय इतिहास में नया अध्याय
प्रधानमंत्री मोदी ने गर्व के साथ घोषणा की कि वे सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री होंगे। यह ऐतिहासिक अवसर दोनों देशों की जीवंत लोकतांत्रिक और संसदीय परंपराओं के प्रति सम्मान को प्रदर्शित करता है। अपनी यात्रा के दौरान, उन्होंने सेशेल्स में बसे जीवंत भारतीय समुदाय के साथ भी बातचीत की। प्रधानमंत्री ने स्वीकार किया कि इस प्रवासी भारतीय समुदाय ने ही दोनों देशों के बीच मित्रता के सेतु को मजबूत बनाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई है। इस यात्रा का व्यापक उद्देश्य भारत-सेशेल्स जुड़ाव को गहरा करना, समुद्री सहयोग को नई दिशा देना और एक सुरक्षित व समृद्ध हिंद महासागर क्षेत्र के साझा सपने को साकार करना है।
256 वर्षों का साझा इतिहास और भारतीय मूल के गौरवशाली संबंध
भारत और सेशेल्स का रिश्ता केवल आधुनिक कूटनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह 256 साल पुराना ऐतिहासिक संबंध है। वर्ष 1770 में जब सेशेल्स में पहली स्थायी बस्ती बसाई गई थी, तब वहां पहुंचने वाले शुरुआती 27 लोगों में पांच भारतीय भी शामिल थे। समय के साथ, बिहार, तमिलनाडु और गुजरात जैसे राज्यों से बड़ी संख्या में भारतीय वहां जाकर बसे और स्थानीय संस्कृति का अभिन्न अंग बन गए। आज सेशेल्स की लगभग 1,20,000 की आबादी में से हर आठवां नागरिक भारतीय मूल का है, जो भारत के लिए गर्व का विषय है।
राष्ट्रपति वेवेल रामकलावन के साथ सांस्कृतिक और पूर्वजों के गहरे जुड़ाव
सेशेल्स के साथ भारत का जुड़ाव कितना गहरा है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वहां के राष्ट्रपति वेवेल रामकलावन के पूर्वज मूल रूप से भारत के बिहार राज्य के गोपालगंज जिले से थे। यह व्यक्तिगत और सांस्कृतिक जुड़ाव प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा को और भी विशेष बना देता है। इस यात्रा से न केवल ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को नई गति मिलेगी, बल्कि आने वाले समय में आर्थिक और रक्षा सहयोग के नए रास्ते भी खुलेंगे। प्रधानमंत्री की यह यात्रा दोनों देशों की पुरानी दोस्ती को एक ऐसे भविष्य की ओर ले जाएगी, जहाँ साझा विकास और सुरक्षा सर्वोपरि है।
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