Rajnath Singh : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत की विदेश नीति को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की हालिया टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। शुक्रवार को उन्होंने राहुल गांधी के बयान को अभद्र, शर्मनाक और निंदनीय करार दिया। राजनाथ सिंह ने कहा कि उन्हें यह कल्पना करना भी मुश्किल लगता है कि किसी ऐसे व्यक्ति के नाम के साथ ‘गांधी’ शब्द जुड़ा हो और वह इस तरह का बयान दे सकता है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की टिप्पणी राजनीतिक मर्यादा के अनुरूप नहीं है।

नेता प्रतिपक्ष के आचरण पर उठाए सवाल
राजनाथ सिंह ने कहा कि राहुल गांधी वर्तमान में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं और ऐसे पद पर बैठे व्यक्ति से जिम्मेदार एवं गरिमापूर्ण भाषा की अपेक्षा की जाती है। उन्होंने दावा किया कि अपने लंबे राजनीतिक जीवन में उन्होंने किसी नेता प्रतिपक्ष की ओर से इस तरह का आचरण नहीं देखा। रक्षा मंत्री ने कहा कि यह टिप्पणी उन्हें राजनीतिक रूप से ही नहीं, बल्कि व्यक्तिगत तौर पर भी पीड़ा पहुंचाने वाली लगी।

पुराने नेताओं का उदाहरण देकर साधा निशाना
रक्षा मंत्री ने अपनी बात रखते हुए देश के कई वरिष्ठ नेताओं का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि सुषमा स्वराज, अरुण जेटली, अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह जैसे नेता भी अलग-अलग समय में विपक्ष के महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं। राजनाथ सिंह के मुताबिक, इन नेताओं ने राजनीतिक मतभेदों के बावजूद सार्वजनिक जीवन में एक मर्यादा बनाए रखी। उन्होंने राहुल गांधी के बयान को इसी परंपरा से अलग बताया।
राहुल गांधी ने विदेश नीति पर पीएम को घेरा
दरअसल, राहुल गांधी ने गुरुवार को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित रचनात्मक कांग्रेस प्रकोष्ठ अधिवेशन को संबोधित किया था। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर कटाक्ष किया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के दिमाग में यह बात बैठ गई है कि दूसरे नेताओं से गले मिलना ही विदेश नीति का हिस्सा है। उनके इस बयान के बाद भाजपा की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई।
इस्तीफे और अमित शाह को हटाने की मांग
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि विपक्ष की राजनीतिक लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पद से इस्तीफा नहीं देते। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पद से हटने की भी बात कही। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष अपनी लड़ाई नफरत के रास्ते पर नहीं, बल्कि ‘मोहब्बत से’ लड़ेगा। उनके इस बयान ने सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच चल रही राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया।

भाजपा और आरएसएस पर भी राहुल का हमला
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने अपने संबोधन के दौरान भाजपा और आरएसएस पर भी निशाना साधा। राहुल गांधी ने कहा कि देश में लंबे समय तक कई लोग भाजपा और आरएसएस के सामने डरपोक की तरह व्यवहार करते रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष का मुकाबला ऐसे लोगों से है, जिन्हें देश के दर्शन और इतिहास की पर्याप्त समझ नहीं है। राहुल गांधी ने अपने भाषण में राजनीतिक संघर्ष को जारी रखने का संकल्प दोहराया।
विदेश नीति को लेकर बढ़ा राजनीतिक विवाद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणी ने भाजपा और कांग्रेस के बीच नई बहस छेड़ दी है। भाजपा जहां इसे प्रधानमंत्री और देश की विदेश नीति का अपमान बता रही है, वहीं कांग्रेस लगातार सरकार की नीतियों और प्रधानमंत्री के कामकाज पर सवाल उठाती रही है। इसी राजनीतिक टकराव के बीच राजनाथ सिंह का बयान सामने आया है।
बयानबाजी से और गर्मा सकता है सियासी माहौल
राजनाथ सिंह की तीखी प्रतिक्रिया के बाद इस मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस के बीच बयानबाजी और बढ़ने की संभावना है। एक तरफ राहुल गांधी प्रधानमंत्री की विदेश नीति और सरकार पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं भाजपा नेता उनके शब्दों और राजनीतिक शैली पर आपत्ति जता रहे हैं। आने वाले दिनों में दोनों दलों के नेताओं की प्रतिक्रियाओं से यह मुद्दा संसद और राजनीतिक मंचों पर और ज्यादा चर्चा में आ सकता है।
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