Russia Strategic Weapons : रूस और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच मॉस्को ने अपनी रक्षा नीति में आमूलचूल परिवर्तन करते हुए दुनिया के सबसे खतरनाक हथियारों का जखीरा तैयार कर लिया है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने समय-समय पर रूस की इन पांच महाविनाशक रणनीतिक प्रणालियों का उल्लेख किया है। इन हथियारों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि रूस ने इन्हें अभी तक किसी भी अन्य देश को निर्यात नहीं किया है, जिससे ये पूरी तरह से रूस की विशेष सुरक्षा घेरे का हिस्सा बने हुए हैं। पुतिन के अनुसार, ये हथियार न केवल रूस की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं, बल्कि वैश्विक सैन्य संतुलन को बनाए रखने में भी एक निर्णायक और अपरिहार्य भूमिका निभाते हैं।

ओरेश्निक: हाइपरसोनिक रफ्तार का बेजोड़ हमला
रूस की नई मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल ‘ओरेश्निक’ आधुनिक युद्धकौशल का एक बेहतरीन नमूना है। यह मिसाइल हाइपरसोनिक वारहेड से लैस है और इसकी मारक क्षमता 1,000 से 5,500 किलोमीटर के बीच है। लगभग मैक 10 की विनाशकारी गति से उड़ने के कारण इसे इंटरसेप्ट करना दुश्मन के लिए लगभग असंभव कार्य है। यह मिसाइल पारंपरिक और परमाणु दोनों तरह के हथियारों को ढोने में सक्षम है, और रूस का दावा है कि इसकी भेदन क्षमता इतनी अधिक है कि यह मोटे कंक्रीट बंकरों को भी पलक झपकते ही धूल में मिला सकती है।

बुरेवेस्टनिक: असीमित रेंज वाला परमाणु मिसाइल
‘बुरेवेस्टनिक’ मिसाइल प्रणाली को दुनिया की सबसे खतरनाक मिसाइलों में से एक माना जाता है, जिसका मुख्य कारण इसकी परमाणु ऊर्जा से संचालित होने वाली तकनीक है। चूंकि यह परमाणु ऊर्जा से चलती है, इसलिए इसकी रेंज तकनीकी रूप से लगभग असीमित है। यह लंबी दूरी की यात्रा करते हुए दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह से चकमा देने में सक्षम है। यह मिसाइल किसी भी आधुनिक रक्षा प्रणाली को बेअसर करने की क्षमता रखती है, जिससे यह रूसी परमाणु हथियारों के बेड़े का एक अनिवार्य हिस्सा बन गई है।
पोसाइडन: समुद्र की गहराई में छिपा महाविनाश
‘पोसाइडन’ एक स्वायत्त (अनमैन्ड) परमाणु-संचालित अंडरवॉटर ड्रोन है, जिसे अक्सर ‘सुपर टॉरपीडो’ के नाम से जाना जाता है। यह हथियार दुश्मन के नौसैनिक अड्डों, बंदरगाहों और एयरक्राफ्ट कैरियर को समुद्र के नीचे से ही नेस्तनाबूद करने की ताकत रखता है। इसकी सबसे बड़ी खूबी इसकी गहराई में जाने की क्षमता और उच्च गति है। विशेषज्ञों का मानना है कि पोसाइडन के इस्तेमाल से समुद्र में सुनामी जैसी विनाशकारी प्राकृतिक आपदा पैदा की जा सकती है, जो बड़े तटीय शहरों को पूरी तरह जलमग्न कर सकती है।
सरमत और अवांगार्ड: आधुनिक युद्ध की दो महाशक्तियां
रूस के शस्त्रागार में ‘RS-28 सरमत’ और ‘अवांगार्ड’ का स्थान सबसे ऊपर है। सरमत एक इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसकी रेंज 18,000 किलोमीटर तक है, जो दुनिया के किसी भी कोने को निशाना बना सकती है। वहीं, अवांगार्ड एक हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल है, जो मैक 27 से 30 की अविश्वसनीय गति से चलता है। अवांगार्ड की खासियत इसका ज़िग-ज़ैग मूवमेंट है, जो इसे रडार से अदृश्य रखता है और दुश्मन के मिसाइल डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह पंगु बना देता है।











