Iran US Talks : अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव को कम करने की दिशा में बुधवार को कतर में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक पहल देखने को मिली। दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने सीधे संवाद के बजाय कतर और पाकिस्तान के मध्यस्थों के माध्यम से बातचीत की। कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने इस वार्ता को सकारात्मक बताते हुए कहा कि दोनों पक्ष चर्चा जारी रखने पर सहमत हैं। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मध्य-पूर्व दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ने किया, जबकि ईरानी टीम की कमान काजेम गरीबाबादी के हाथों में थी। ईरान ने स्पष्ट किया है कि यह बातचीत मुख्य रूप से लेबनान में शांति और ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों की वापसी पर केंद्रित थी।

होर्मुज जलडमरूमध्य का विवाद: शुल्क और समुद्री मार्गों पर गतिरोध
वार्ता के दौरान सबसे बड़ा अड़चन होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर बना हुआ है। हालांकि अंतरिम समझौते के तहत 60 दिनों तक जहाजों के नि:शुल्क आवागमन पर सहमति बनी थी, लेकिन अब ईरान इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाने और उन्हें अपने तय मार्गों का पालन करने के लिए मजबूर करना चाहता है। ईरान का दावा है कि जहाजों को उसके रिवोल्यूशनरी गार्ड के निर्देशों का पालन करना चाहिए। हाल ही में एक विदेशी कंटेनर जहाज के उथले पानी में फंसने की घटना ने ईरान के इन दावों को और मजबूत कर दिया है। वहीं, अमेरिका और खाड़ी देश इस प्रस्तावित टैक्स के सख्त खिलाफ हैं, जिसे लेकर दोनों देशों के बीच गहरे मतभेद बने हुए हैं।

लेबनान में संघर्ष और इजरायल की भूमिका पर गहराते सवाल
लेबनान का मुद्दा इस समझौते की राह में दूसरा सबसे बड़ा पेचीदा बिंदु बनकर उभरा है। ईरान मांग कर रहा है कि इजरायल दक्षिणी लेबनान से अपनी सेना हटाए और हिजबुल्लाह के साथ चल रहा संघर्ष तुरंत समाप्त हो। इसके विपरीत, इजरायल ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा है कि वह उत्तरी सीमा पर हिजबुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई की पूरी आजादी चाहता है और रणनीतिक क्षेत्रों से पीछे नहीं हटेगा। यह भू-राजनीतिक खींचतान अमेरिका और ईरान के बीच किसी अंतिम समझौते तक पहुंचने में बड़ी बाधा बनी हुई है।
समुद्री यातायात की स्थिति और अरब सागर में अमेरिकी हेलीकॉप्टर हादसा
तनाव के बावजूद, होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। थाईलैंड और दक्षिण कोरिया जैसे देशों ने पुष्टि की है कि उनके जहाज सुरक्षित निकल गए हैं। हालांकि, इसी बीच अरब सागर में अमेरिकी नौसेना के एक MH-60S सी हॉक हेलीकॉप्टर के आपात लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर ने चिंता बढ़ा दी है। इस हादसे में तीन कर्मियों को बचा लिया गया, लेकिन एक सदस्य अभी भी लापता है। अमेरिकी नौसेना ने प्रारंभिक जांच में किसी शत्रुतापूर्ण हमले की संभावना को खारिज किया है, लेकिन इस घटना ने मध्य-पूर्व में मौजूदा अस्थिर माहौल को और अधिक जटिल बना दिया है।
भविष्य की राह: अयातुल्ला खामेनेई के बाद की कूटनीतिक चुनौतियां
अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चिंतित है और जल्द ही उस पर भी व्यापक चर्चा होने की संभावना है। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस चिंता को साझा किया है। अगली बैठक ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के तुरंत बाद निर्धारित की गई है। यह वार्ता इस बात का संकेत है कि दोनों पक्ष युद्ध के बजाय कूटनीति के जरिए समाधान तलाशना चाहते हैं, लेकिन जटिल क्षेत्रीय मुद्दों के कारण कोई ठोस नतीजा निकलना अभी भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
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