Bastar Fraud : बस्तर जिले में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सुनवाई के दौरान एक अत्यंत चौंकाने वाला और संवेदनशील मामला प्रकाश में आया है। महिला आयोग की अध्यक्ष किरणमयी नायक की अध्यक्षता में हुई सुनवाई में एक पीड़ित महिला ने शिकायत की कि तंत्र-मंत्र के नाम पर उससे लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी की गई है। आरोपी कोई और नहीं, बल्कि एक वनरक्षक और उसकी पत्नी हैं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने इसे महिला के साथ क्रूर मजाक और विश्वासघात माना है। अध्यक्ष ने तत्काल प्रभाव से पुलिस को निर्देश दिए हैं कि दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की जाए और उनके विरुद्ध विधिसम्मत कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

निसंतान दंपति की पीड़ा का उठाया अनुचित लाभ
पीड़िता निर्मला द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, आरोपी डूमर नायक और उनकी पत्नी शिखा नायक पीड़िता के परिचित थे। आरोपियों को भली-भांति ज्ञात था कि पीड़िता संतान न होने की वजह से मानसिक और भावनात्मक पीड़ा से गुजर रही है। इसी कमजोरी का फायदा उठाकर आरोपी दंपति ने तंत्र-मंत्र और तांत्रिक प्रयोगों के जरिए संतान प्राप्ति का झांसा दिया। आरोपियों ने विश्वास में लेकर पीड़िता से अलग-अलग किस्तों में करीब डेढ़ करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि ऐंठ ली। जब काफी समय बीतने के बाद भी पीड़िता को संतान नहीं हुई और उसे ठगे जाने का एहसास हुआ, तो उसने न्याय पाने के लिए महिला आयोग का दरवाजा खटखटाया।

ठगी की रकम से बनाई संपत्ति और खरीदी विलासिता की चीजें
जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि ठगी की इस बड़ी राशि का उपयोग आरोपी वनरक्षक दंपति ने अपनी सुख-सुविधाओं को बढ़ाने में किया। आयोग के समक्ष आए तथ्यों के अनुसार, आरोपियों ने इस धन से न केवल लाखों रुपये का एक आलीशान मकान बनवाया, बल्कि एक महंगी चार पहिया गाड़ी (फोर व्हीलर) भी खरीदी। पीड़िता के साथ हुआ यह आर्थिक और भावनात्मक शोषण किसी को भी विचलित कर देने वाला है। किरणमयी नायक ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसे गंभीर अपराध की श्रेणी में रखा है। आयोग के कड़े निर्देशों के बाद पुलिस ने हरकत में आते हुए आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है और एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया को तेज कर दिया है।
महिला आयोग की बस्तर में सक्रियता और अन्य मामले
छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष किरणमयी नायक ने बताया कि बस्तर जिले में उनकी यह सुनवाई काफी महत्वपूर्ण रही। बुधवार को आयोजित इस कार्यक्रम में कुल 15 मामलों पर सुनवाई की गई, जिनमें से 2 मामले बीजापुर जिले के और 13 मामले बस्तर जिले के थे। यह पूरे प्रदेश के स्तर पर आयोग की 406वीं सुनवाई थी, जबकि बस्तर जिले के लिए यह 10वीं सुनवाई आयोजित की गई थी। अब तक केवल बस्तर जिले में ही महिला आयोग द्वारा 1100 से अधिक शिकायतों की सुनवाई की जा चुकी है, जो राज्य में महिलाओं के हितों की रक्षा के लिए आयोग की सक्रियता को दर्शाता है।
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